
जोधपुर के 17 हजार परिवारों ने एक साल से नहीं उठाया गेहूं
जोधपुर. प्रदेश में ऐसे परिवार जो पिछले एक साल से अधिक समय से राशन की दुकान से गेहूं नहीं ले रहे हैं, उनकी अब जांच की जाएगी। अगर उनको गेहूं की जरुरत नहीं है अथवा वे अपात्र हो गए हैं तब उनका राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) में नाम काट दिया जाएगा। प्रदेश में ऐसे 5 लाख से अधिक परिवार है। जोधपुर जिले में 17 हजार परिवारों से एक साल से लंबे समय से गेहूं नहीं लिया है। एनएफएसए के अंतर्गत नए परिवारों को शामिल करने व पेंडिंग अपीलों को निस्तारण करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है।
जोधपुर जिले में 4 लाख 96 हजार 200 एनएफएसए के अंतर्गत पंजीकृत परिवार है जो राशन की दुकान से गेहंू लेते हैं। कुल मिलाकर 21 लाख 80 हजार लोग राशन का गेहूं खाते हैं। इसमें 17 हजार परिवार यानी 48000 लोगों ने गत एक वर्ष से अधिक समय से राशन की दुकान से गेहूं लिया नहीं है। रसद विभाग ने अपने प्रवर्तन निरीक्षकों को इनकी सूची सौंपकर राशन डीलर्स की सहायता घर-घर जाकर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
इसलिए नहीं उठाते गेहूं
- सरकारी नौकरी लगने के बाद अपात्र हो गए
- शादी करने के बाद अन्यत्र शिफ्ट हो जाने से
- मजदूर व श्रमिकों की ओर से पलायन करने पर
- कहीं ओर नया राशन कार्ड बनवा लेने पर
- एकमात्र व्यक्ति की मौत हो जाने पर
इस महीने 65 हजार राशन कार्ड की मैपिंग
पीडीएस के सभी लाभ जन आधार से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रदेश में सभी राशनकार्ड धारकों की जन आधार कार्ड से मैपिंग करवाई जा रही है। सितंबर में तीसरे चरण में जिले के 65 हजार 526 राशन कार्ड की जनाधार से मैपिंग होगी। इसमें जोधपुर शहर, शेरगढ़, ओसियां, बापिणी और बिलाड़ा ब्लॉक शामिल है।
राशन दुकान पर ले जाएं आधार कार्ड
जिन उपभोक्ताओं की जनाधार से मेपिंग बाकी है, उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर केवाईसी के लिए मैसेज भेजा जा रहा है। राशनकार्ड धारी अपने राशन डीलर के पास केवाईसी फॉर्म को भर सकता है। इसके लिए परिवार के सभी सदस्यों की आधार कार्ड की कॉपी साथ ले जानी होगी।
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‘जो एक साल से अधिक समय से गेहूं नहीं ले रहे हैं, उनकी जांच की जा रही है।’
हेमेंद्र नागर, जिला रसद अधिकारी प्रथम, जोधपुर
Published on:
04 Sept 2021 06:43 pm
