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लूट के 18 लाख रुपए के पाट्र्स दो लाख में खरीदे थे

- चालक को नशीली चाय पिलाकर कार कम्पनी के पाट्र्स लूट प्रकरण- लूट का माल छुपाने में शामिल खेत मालिक भी गिरफ्तार, मुख्य लुटेरे व स्थानीय माल खरीदार फरार
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लूट के 18 लाख रुपए के पाट्र्स दो लाख में खरीदे थे

लूट के 18 लाख रुपए के पाट्र्स दो लाख में खरीदे थे

जोधपुर.
चालक को नशीली चाय पिलाकर बेहोश करने के बाद ट्रक में भरा 18 लाख रुपए के कार पाट्र्स लूटने के बाद सिर्फ दो लाख रुपए में हाथों-हाथ खरीद लिए गए थे। इतना ही नहीं, कार पाट्र्स को नारनाडी के एक खेत के बाड़े में छुपा दिए गए थे। कुड़ी भगतासनी थाना पुलिस ने शनिवार को खेत मालिक को गिरफ्तार किया। जबकि माल खरीदने वाला युवक और मुख्य लुटेरे अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं।

थानाधिकारी जुल्फिकार अली ने बताया कि प्रकरण में नारनाडी गांव निवासी खेत मालिक ओमाराम (48) पुत्र सालगराम पटेल को गिरफ्तार किया गया है। रिमाण्ड पर चल रहे भदवासिया में सरकारी स्कूल के पास बिचलावास निवासी नरेश नवल (२९) पुत्र जयसिंह जटिया को पांच दिन रिमाण्ड समाप्त होने पर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन और रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए गए। इस मामले में नरेश के भाई जुगल नवल, हनुमानराम पटेल, महाराष्ट्र में धूले निवासी शैलेष मराठा और अलवर के दो व्यक्ति भी आरोपी हैं। पुलिस इनकी तलाश में है, लेकिन आरोपी भूमिगत हैं।

सांगरिया पहुंचकर दिए थे दो लाख रुपए
महाराष्ट्र का शैलेष मराठा जेल में बंद रहने के दौरान अलवर की गैंग के सम्पर्क में आया था। वहीं, पर उसकी जान पहचान नरेश नवल से हुई थी। ट्रक लूट के बाद मदद के लिए शैलेष ने नरेश, उसके भाई जुगल नवल व हनुमानराम को शामिल किया गया था। चालक को बेहोश कर ट्रक लूट के बाद जुगल नवल रात को सांगरिया फांटा पहुंचा था, जहां उसने ट्रक में भरा लूट का माल खरीदने के लिए शैलेष मराठा को दो लाख रुपए दिए थे। फिर माल को खेत में खाली कराया गया था, जहां उसे बेचा जाना था।

भांजे के आग्रह पर खेत के बाड़े में छुपाए थे पाट्र्स
गत १५ अक्टूबर को गुडग़ांव से १८ लाख रुपए के मारूति कम्पनी के पाट्र्स भरकर एक ट्रक अहमदाबाद के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में दो युवक ट्रक में सवार हुए थे। जिन्होंने चालक रमजान को नशीली चाय पिलाकर बेहोश कर दिया था। झालामण्ड बाइपास पर दोनों लुटेरों को शैलेष मराठा मिला था। वह अन्य आरोपियों के साथ मिलकर ट्रक ओमाराम पटेल के खेत ले गया था, जहां बाड़े में पाट्र्स के कार्टन उतार दिए थे। हनुमानराम ने मामा ओमाराम व मामी को अपनी कम्पनी का माल बताया था व एक दो दिन में माल वापस ले जाने का विश्वास दिलाया था।