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चूरू के डीईओ पर लगाई 20 हजार कॉस्ट

हाईकोर्ट में अपील खारिज होने के बाद भी शिक्षा विभाग ने नहीं की थी ‘रेट’ के आदेश की पालना
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20 thousand cost for Churu's DEO

चूरू के डीईओ पर लगाई 20 हजार कॉस्ट

जोधपुर

राजस्थान प्रशासनिक सेवा अपील ट्रिब्यूनल (रेट) ने आदेश की दूसरी बार पालना नहीं करने पर डीईओ (प्रारंभिक) चूरू पर 10 हजार की कॉस्ट राशि को बढ़ाकर बीस हजार रुपए कर दिया।

ट्रिब्यूनल ने अप्रार्थी अधिकारी को कॉस्ट अदा करने और अपीलकर्ता को प्रथम नियुक्ति तिथि से तृतीय वेतनमान दिलाए जाने के आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।

याचिकाकर्ता कांता सहारण की ओर से यशपाल खिलेरी ने ट्रिब्यूनल में अपील पेश कर प्रथम नियुक्ति तिथि से तृतीय चयनित वेतनमान दिलाए जाने की गुहार लगाई थी।

ट्रिब्यूनल ने अपील स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को प्रथम नियुक्ति तिथि से गणना करते हुए तृतीय चयनित वेतनमान देने के आदेश दिए। राज्य सरकार ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी, पर वहां याचिका खारिज हो गई।

फिर भी आदेश की पालना नहीं करने पर ट्रिब्यूनल में अवमानना याचिका दायर की गई, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) चूरू ओमप्रकाश मुद्गल पर 10 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई थी।

इस आदेश के विरुद्ध राज्य सरकार ने रिव्यू पिटीशन दायर की, उसे भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। मूल आदेश की अभी तक पालना नहीं होने पर फिर से ट्रिब्यूनल में अवमानना याचिका दायर की गई, जिस पर अधिकरण के सदस्य प्रभुलाल आमेटा व धर्मेंद्र भटनागर ने अवमाननाकर्ता को आखिरी मौका देते हुए आदेश की पालना सुनिश्चित करने और कॉस्ट की रािश 20 हजार रुपए याचिकाकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर अवमानना प्रकरण हाईकोर्ट को रेफर करने के आदेश दिए हैं।