
लागत नहीं मिलने से प्रदेश के किसानों को 21 हजार करोड़ का फटका
जोधपुर।
प्रदेश में तय समर्थन मूल्य व लागत से नीचे फ सल बिकने से एक वर्ष की खरीफ व रबी सीजन की प्रमुख फ सलों में ही प्रदेश के किसानों को 21226 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ गया। इस दौरान केवल सोयाबीन, तिल, मोठ, लहसुन व मसूर की फ सल ही समर्थन मूल्य से ऊपर बिकी, जिससे 1197.90 करोड़ तथा सरसों, चना, मूंग, मूंगफ ली, कपास व गेंहू की समर्थन मूल्य पर कुछ खरीद हुई, जिससे 1192.50 करोड़ की क्षतिपूर्ति हुई। ऐसे में किसानों को रबी सीजन 2019-20 व खरीफ सीजन 2020 में 18835 करोड़ रुपए का शुद्ध रूप से नुकसान उठाना पड़ गया। इसी संदर्भ में 2017 में जारी हुई आर्थिक सहयोग विकास संगठन (ओईसीडी) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार 2000 से 2015 के बीच किसानों को उत्पाद का सही मूल्य न मिल पाने के कारण देशभर में 45 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।
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राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी
भारतीय किसान संघ के तुलछाराम सिंवर ने बताया कि प्रदेश की ओर से सरसों, चना, मसूर, मूंग, मूंगफली व कपास खरीद के ही प्रस्ताव भेजे गए। वहीं धान, ज्वार, मक्का, बाजरा व जौ खरीद के लिए प्रस्ताव ही नहीं भेजा। सरकार तक किसानों की इन समस्याओं को पहुंचाने व समस्या समाधान की मांग के लिए 8 सितम्बर को राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
Published on:
04 Sept 2021 10:50 pm
