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24 घंटे का शट डाउन, 3 दिन की मुसीबत, अब अधिकारी कह रहे यह तो होना ही था

शहर के कई हिस्सों में गुरुवार को नहीं हुई जलापूर्ति
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24 hours of shutdown, 3-day trouble, now officer saying it had to be

24 घंटे का शट डाउन, 3 दिन की मुसीबत, अब अधिकारी कह रहे यह तो होना ही था

बाईजी तालाब क्षेत्र में फ्लो मीटर लगाने में देरी से जलापूर्ति के लिए परेशानी

जोधपुर।
शहर में गुरुवार को शुरू 24 घंटे के लिए जलापूर्ति शट डाउन शहरवासियों को 3 दिन परेशान करेगा। अधिकांश मोहल्लों गुरुवार को होने वाली पेयजल आपूर्ति नहीं हुई। लोग दिन भर विभाग के कार्यालयों में फोन कर और चक्कर लगा कर पानी सप्लाई के बारे में पूछते रहे।

शहर के दोनों प्रमुख जलाशयों कायलाना और तखतसागर में वाटर लेवल को बढ़ाने व अन्य तकनीकी काम के लिए जलदाय विभाग ने 24 घंटे का शट डाउन लिया था।

ऐसे में 48 घंटे में होने वाली पानी की सप्लाई 72 घंटे में करनी थी। लेकिन गुरुवार को शट डाउन के बाद जिन क्षेत्रो में सप्लाई होनी थी, उनमें से अधिकांश क्षेत्रो में आपुर्ति नहीं हुई। इससे स्थानीय लोग काफी परेशान हुए। दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी खुद मान रहे हैं कि शट डाउन के बाद पेयजल आपूर्ति को पटरी पर आने में 2 से 3 दिन का समय लगता है।

शट डाउन के दौरान शहर के बाईजी का तालाब क्षेत्र में फ्लो मीटर लगाने का काम किया गया। लेकिन इस काम में देरी होने के कारण अंदरुनी शहर के कई ओवर हेड टैंक तक पानी नहीं पहुंचा। जहां पहुंचा वहां दोपहर बाद पहुचने के कारण देर शाम सप्लाई हुई।

लेकिन अंदरुनी शहर के अधिकांश क्षेत्रों में सप्लाई नहीं हुई। इसी प्रकार पावटा का कुछ क्षेत्र और लालसागर व मंडोर के कुछ क्षेत्रो में भी आपूर्ति नहीं हुई।
स्टोरेज टैंक नहीं होने से परेशानी

शहर के पुराने मोहल्लों में जिनके घरो में पानी के स्टोरेज टैंक या हौदे नहीं बने हुए हैं, उन्हें ज्यादा परेशानी हुई। 3 दिन तक तो पानी की टंकियों ने साथ दिया लेकिन 72 घंटे के बाद उनमे भी पानी खत्म हो गया। ऐसे में लोगो को काफी परेशानी हुई।

इनका कहना
शट डाउन के बाद हर क्षेत्र में थोड़ी समस्या रह जाती है। पूरे सिस्टम को सही संचालित करने में 2 से 3 दिन का समय लग जाता है।

-दिनेशकुमार पेड़ीवाल, अधीक्षण अभियंताए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।