298 बेटियों का दर्द: अंकल पानी पीएंगे तो पेशाब लगेगी, स्कूल में शौचालय है नहीं


-जोधपुर की राबाउमावि बम्बा में बाल कल्याण समिति के सामने छलका बच्चियों का दर्द

 

By: Abhishek Bissa

Published: 01 Mar 2020, 05:00 AM IST

-अभिषेक बिस्सा
जोधपुर. ‘अंकल, हम पूरी स्कूल चलने तक पानी भी नहीं पी सकतीं, ज्यादा पानी पीएंगे तो पेशाब लगेगी और स्कूल में टॉयलट है नहीं। शौचालय के नाम से दो पत्थर लगाकर कमोड बनाया हुआ है। उसके भी दरवाजे टूटे पड़े हैं।’ ये व्यथा है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर की राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बंबा की। स्कूल में 298 बालिकाएं पढ़ती हैं। इनमें से कुछ ने बाल कल्याण समिति तक बात पहुंचाई। समिति के सदस्य निरीक्षण करने पहुंचे तो इन बेटियों का दर्द छलक पड़ा। समिति अध्यक्ष डॉ. धनपत गुजर, समिति सदस्य शशि वैष्णव, विक्रम सरगरा, लक्ष्मण परिहार और सुनीला छापर छात्राओं की पीड़ा सुन सकते में आ गए। समिति इस मामले में अब शिक्षा विभाग से जवाब तलब करेगी।

शरीर में पानी की कमी
छात्राओं ने समिति को बताया कि स्कूल टाइम में पूरा पानी नहीं पी सकने के कारण कई बच्चियों के शरीर में पानी की कमी तक सामने आई है। किडनी व पथरी जैसी समस्याएं होने लगी हंै। सेनेट्री नेपकिन की व्यवस्था तो है, लेकिन पर्याप्त सुविधा के अभाव में काम में नहीं ले सकतीं। कुछ मुस्लिम छात्राओं ने तो कहा कि उन्हें तो हमेशा रोजे (रमजान) जैसे माहौल में ही रहना पड़ता है। कोर्ट में है भवन विवाद

समिति के अध्यक्ष गुजर के अनुसार प्रिंसिपल मो. शरीफ जई ने समिति को बताया है कि स्कूल किराए के भवन में चल रहा है। भवन मालिक व शिक्षा विभाग का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में यहां ज्यादा विकास नहीं कराया जा सकता। इस पीड़ा से शिक्षिकाएं भी परेशान हैं। टॉयलेट की असुविधा से छात्राओं का नामांकन भी कम हुआ है।
क ागजों में बना है टॉयलट

ताज्जुब की बात यह है कि इस सीनियर सैकंड्री स्कूल में टॉयलट है नहीं, लेकिन शिक्षा विभाग के वेब पॉर्टल शाला दर्पण पर स्कूल का विवरण दर्शाने वाले सेक्शन यू-डाइस पर इस विद्यालय में टॉयलट होने की जानकारी अंकित है। हकीकत में एक कोने में दो पत्थर रखकर इसे टॉयलट का रूप दे दिया गया है और इस पर दरवाजा तक नहीं लगा है।

इनका कहना

स्कूल का मामला कोर्ट में चल रहा है। क्षेत्रवासी पोर्टेबल टॉयलेट बाहर लगाने नहीं देते। प्रिंसिपल की भवन मालिक से टॉयलेट बनाने को लेकर बातचीत हुई है। इस समस्या से विभाग भी चिंतित है।
- प्रहलाद राम गोयल, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जोधपुर शहर

Abhishek Bissa Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned