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एक और फर्जी फर्म से ३.६७ करोड़ का लेन-देन का खुलासा

- जीएसटी चोरी के लिए फर्जी फर्में बनाने का मामला- सीए के खिलाफ ५वीं एफआइआर दर्ज
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एक और फर्जी फर्म से ३.६७ करोड़ का लेन-देन का खुलासा

एक और फर्जी फर्म से ३.६७ करोड़ का लेन-देन का खुलासा

जोधपुर.
करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी के लिए फर्जी फर्में खोलने के आरोपी चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) के खिलाफ सरदारपुरा थाने में धोखाधड़ी का एक और मामला शनिवार को दर्ज कराया गया। टॉफी व बिस्टिक का छोटा-मोटा व्यवसाय करने वाले युवक का आरोप है कि सीए ने सीसी लिमिट कराने और आयकर रिटर्न जमा कराने का झांसा देकर फर्जी फर्म खोल ३.६७ करोड़ रुपए का लेन-देन कर दिया। आरोपी सीए की सहयोगी महिला सीए को जांच के लिए पुलिस संभवत: रविवार को जयपुर से जोधपुर लाएगी।

पुलिस के अनुसार विजय चौक में सिंधियों की पोल निवासी प्रकाश अरोड़ा ने शंकर नगर निवासी सीए गौरव माहेश्वरी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। वह बम्बा मोहल्ला में टॉफी-बिस्किट की दुकान चलाता है। सीए गौरव के पिता भी फतेहसागर में टॉफी-बिस्किट बेचते थे। तब उसकी पहचान गौरव से हुई।
व्यवसाय के सिलसिले में बैंक से सीसी लिमिट व आयकर रिटर्न भरने के लिए उसने चार साल पहले गौरव से सम्पर्क किया था। इसके लिए उसने सात हजार रुपए और लिमिट के बदले दो प्रतिशत कमीशन मांगा। उसने गौरव को पेन कार्ड व अन्य दस्तावेज सीए को सौंप दिए। वर्ष २०१५ के लिए उसका आयकर रिटर्न भर दिया गया।

आरोपी ने प्रकाश से अनेक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। निजी बैंक का हस्ताक्षरशुदा एक चेक भी ले लिया। आरोपी सीए उसे बोम्बे मोटर्स के पास स्थित एक अन्य निजी बैंक ले गया, जहां उसका खाता खुलवाया। सीसी लिमिट न मिलने पर प्रकाश ने सीए से सम्पर्क किया। तब उसने दुकानदार को बैंक मैनेजर से बात कर पचास हजार रुपए दिलवाए। फिर उसे १५ हजार रुपए और दिलाए गए।
गत दिनों सेल्स टैक्स विभाग ने प्रकाश को फोन कर उसके नाम से अरोड़ा सप्लायर्स नामक फर्म खुलने और उसके खाते से ३.६७ करोड़ रुपए के लेन-देन की जानकारी दी। जबकि उसे न तो फर्म की जानकारी थी और न ही उसने लेन-देन के लिए चेक पर हस्ताक्षर किए थे।

सीए के पिता से सम्पर्क, पुत्री को बताया निर्दोष
उदयमंदिर थाने के एसआई महेन्द्रसिंह का कहना है कि सीए गौरव माहेश्वरी ने जयपुर की महिला सीए को मास्टर माइण्ड बताया था। महिला सीए पर अपने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के नामक मोबाइल सिम से कई फर्में बनाने का भी आरोप है। पुलिस महिला सीए से पूछताछ करने शनिवार को जयपुर के वैशाली नगर में जगदंबा कॉलोनी पहुंची, जहां लॉक लगा मिला। महिला सीए के मोबाइल स्विच ऑफ होने पर पुलिस ने उसके पिता से सम्पर्क किया। तब उनके शादी के सिलसिले में अलवर होने का पता लगा। पिता ने पुत्री को निर्दोष बताया। पुलिस ने जोधपुर चलकर जांच में सहयोग करने का आश्वासन दिलाया। महिला सीए के परिवार सहित रात को जयपुर लौटने की जानकारी है। संभवत: पुलिस उसे शनिवार को जोधपुर लेकर आ सकती है।