10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भारत से सटी सीमा पर पाकिस्तान के 300 टैंक तैनात, भारतीय सेना ने भी उठाया ये बड़ा कदम

बालाकोट एयर स्ट्राइक ( Indian Air Strike ) के बाद पाकिस्तान का ध्यान पश्चिमी सरहद पर अधिक है...
2 min read
Google source verification
tank

जोधपुर।

पुलवामा हमले ( pulwama attack ) के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच उत्पन्न हुए तनाव के दौरान सीमा पर पाकिस्तान की ओर से तैनात किए गए पाकिस्तानी आर्मी ( pakistan army ) के करीब 300 टैंक ( pakistani tank ) अभी भी उसके पंजाब सूबे के शक्करगढ़ बल्ज में तैनात हैं। दो महीने बाद भी टैंक पीछे नहीं हटने पर भारतीय सेना ( Indian army ) ने अब अपने एयर डिफेंस सिस्टम ( Air Defence Systems ) को बॉर्डर के और नजदीक बढ़ाया है। हालांकि पाकिस्तान सेना ने अपनी फॉर्मेशन-1 और फॉर्मेशन-2 की तैनाती में थोड़ी ढील दी है। इन दो फॉर्मेशन को युद्ध के दौरान अपनाया जाता है।

बालाकोट एयर स्ट्राइक ( Indian Air Strike ) के बाद पाकिस्तान का ध्यान पश्चिमी सरहद पर अधिक है। उसकी गतिविधियां अबोहर, हिंदूमल कोट, श्रीगंगानगर और बीकोनर बॉर्डर पर अधिक देखी जा रही है। अमृतसर से 100 किलोमीटर पाकिस्तान में सामरिक महत्व का ठिकाना शक्करगढ़ बल्ज है जो भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग-1 ए और रावी नदी के समानांतर है। यहां पाकिस्तानी सेना भारी संख्या में तैनात है।

यह इलाका राजस्थान के बीकानेर बॉर्डर और पूरे भारतीय पंजाब प्रांत को कवर करता है। यहां पाकिस्तान आर्मी की आम्र्ड ब्रिगेड 124 और आम्र्ड बिग्रेड 125 तैनात है। इसके अलावा पाक आर्मी की डिविजन संख्या 15 और डिविजन 8 की फौजें भी मोर्चा संभाले हुए हैं। बॉर्डर के आसपास पाकिस्तान द्वारा अपनी आर्मी में कटौती नहीं करने से रक्षा मंत्रालय सतर्क है। हालांकि भारत का ब्रह्मेस मिसाइल युक्त नौ सेना का युद्धपोत भी उत्तरी अरब सागर में तैनात है।

आकाश मिसाइल सिस्टम को आगे भेजा (Air Defence Systems Of India)
लेफ्टिनेंट जनरल एपी सिंह के नेतृत्व में आर्मी एयर डिफेंस पुरजोर तरीके से पाकिस्तान बॉर्डर के समानांतर तैनात है। हाल ही में एयर डिफेंस सिस्टम को बॉर्डर के और नजदीक ले जाया गया है। इसमें आकाश मिसाइल भी शामिल है जो जमीन से हवा में 25 किलोमीटर की दूरी पर उड़ रहे किसी ऑब्जेक्ट को निशाना बना सकती है। इसके अलावा डीआरडीओ व इजराइल द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित एमआर-एसएएम मिसाइल, बोफोर्स 40 एमएम गन, एस-125 पिथोड़ा मिसाइल और 2के22 तुंगुसका शामिल हैं।