10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

वतन वापसी के इंतजार में कजाखिस्तान में फंसे 450 राजस्थानी विद्यार्थी, कर रहे आर्थिक संकट का सामना

विश्वव्यापी कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन में विदेशों में फंसे भारतीय लोगों को वतन वापसी का इंतजार है। इनमें राजस्थान के विद्यार्थी भी शामिल हंै, जो करीब ढाई माह से कजाखिस्तान में फंसे है। अल्माटी में प्रदेश के विभिन्न शहरों के करीब 450 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं।
2 min read
Google source verification
450 students stuck in kazakhstan are waiting to come back in india

वतन वापसी के इंतजार में कजाखिस्तान में फंसे 450 राजस्थानी विद्यार्थी, कर रहे आर्थिक संकट का सामना

अमित दवे/जोधपुर. विश्वव्यापी कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन में विदेशों में फंसे भारतीय लोगों को वतन वापसी का इंतजार है। इनमें राजस्थान के विद्यार्थी भी शामिल हंै, जो करीब ढाई माह से कजाखिस्तान में फंसे है। अल्माटी में प्रदेश के विभिन्न शहरों के करीब 450 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। इनमें जोधपुर के 16 विद्यार्थी शामिल हैं।

विद्यार्थी अल्माटी के कजाख रसियन मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस व संबंधित डिग्री की पढ़ाई कर रहे है। एमबीबीएस की परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बाद इन विद्यार्थियों के छुट्टियां हो चुकी है, और ये अपने घर आने का इंतजार कर रहे है। अल्माटी में लॉकडाउन समाप्त होने के बाद बाजार में आवश्यक सामान ऊंची दरों पर मिलने के कारण विद्यार्थियों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

वन्दे भारत मिशन से उम्मीद, तीसरा चरण 10 से
विद्यार्थियों को अब केन्द्र सरकार के वन्दे भारत मिशन से उम्मीद है। केन्द्र सरकार के वन्दे भारत मिशन का तीसरा चरण 10 जून से 1 जुलाई तक चलेगा। जिसमें विदेशों में फंसे भारतीय लोगों को लाया जाएगा।

परिजन परेशान
विदेश में फंसे इन बच्चों के परिजन भी चिंतित हैं। परिजनों को इस मामले में सांसद व अन्य जनप्रतिनिधियों से केवल आश्वासन ही मिल रहे है। अल्माटी में पढ़ रही कीर्ति के पिता पारसमल पुरोहित ने बताया कि उनको अपनी बच्ची सहित अन्य बच्चों की चिन्ता है, भगवान से प्रार्थना करता हूं कि सब बच्चे जल्दी सकुशल अपने घर लौटे।

विद्यार्थियों की पीड़ा
फाइनेंशियल व मेडिकल प्रॉब्लमस हो रही है। विवि व भारतीय दूतावास से जो फॉर्म दिए गए, वह भर दिए। अंडरटेकिंग फॉर्म भी भर दिया। कोई जवाब नहीं मिला। केन्द्र व राज्य सरकार से निवेदन है कि हमें भारत लाने की व्यवस्था करे।
- कीर्ति पुरोहित, मेडिकल स्टूडेन्ट, जोधपुर निवासी

भारत आने के लिए विवि व दूतावास से लगातार संपर्क कर रहे हैं। कोई जवाब नहीं मिल रहा है। राज्य व केन्द्र सरकार से निवेदन है कि हमें अपने घर लाने के लिए व्यवस्था करे।
- सन्नी शर्मा, मेडिकल स्टूडेन्ट, जयपुर निवासी