
Swine flu in Jodhpur
जोधपुर.
जोधपुर संभाग में जनवरी माह में स्वाइन फ्लू का कहर बरपा, लेकिन फरवरी माह में तापमान बढ़ऩे के साथ राहत की उम्मीद है। बीते सप्ताह से अस्पतालों में स्वाइन फ्लू प्रभावित मरीजों की संख्या कम हुई है। संभाग के सबसे बड़े मथुरादास माथुर अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों की सुविधा के लिए स्वाइन फ्लू प्रभावित मरीजों की केटेगिरी के अनुसार 4 वार्डों की व्यवस्था कर रखी है। जिसमें वेंटीलेटर व ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है। जहां मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
स्वाइन फ्लू के सैम्पलों की जांच एसएन मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब में की जा रही है। साथ ही शहर के गांधी अस्पताल, पावटा जिला अस्पताल, मंडोर सैटेलाइट अस्पताल में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर सैम्पल लेकर लैब को भेजे जा रहे हैं। स्वाइन फ्लू पर रोकथाम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले भर में घर-घर स्क्रीनिंग की जा रही है। खांसी-जुकाम व बुखार पीडि़त व स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर मरीजों को टेमीफ्लू दी जा रही है।
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ. नवीन किशोरिया के अनुसार गर्मी के बढऩे पर स्वाइन फ्लू का असर कम होगा। क्योंकि अधिक तापमान में एच1एन1 वायरस सक्रिय नहीं रह पाता। और गर्मी के कारण मरीज की एंटीबॉडीज में भी वृद्धि होने लगती है। हालांकि पिछले सप्ताह की तुलना में अब पॉजीटिव मरीजों की संख्या में कमी आई है।
मंगलवार को दिन के तापमान में वृद््िध हो गई। लोगों को धूप चुभने लगी। दिन का तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया और 30 डिग्री का तापमान पहुंचने पर स्वाइन फ्लू का वायरस वैसे ही निष्क्रिय हो जाएगा। पावटा जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोकसिंह राठौड़ ने बताया कि अस्पताल में करीब 300 मरीजों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई, जो सभी स्वस्थ होकर लौट चुके हैं। वर्तमान में एक भी पॉजीटिव मरीज भर्ती नहीं है।
राठौड़ के अनुसार आगामी दिनों में यदि चार दिन ऐसी ही गर्मी रही तो स्वाइन फ्लू कम हो जाएगा। गौरतलब है कि जोधपुर जोन में इस साल जनवरी माह से अब तक 2057 सैम्पलों की जांच की गई। जिसमें से ६26 मरीजों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। पॉजीटिव मरीजों में सेे अब तक 47 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। जनवरी माह में 39 मौतें और फरवरी माह में 8 मौतें हुई हैं।
जोधपुर : वर्षवार रिपोर्ट
वर्ष -- सैम्पल --पॉजीटिव ---मौतें
2009-- 2115-- 684 --80
2010 --868 --135 --07
2011 --181-- 14 --05
2012 --817 --177 --23
2013 --1289 --214 --48
2014 --128 --02 --02
2015 --1714 --357 --30
2016 --77 --44 --01
2017 --730 --116 --19
2018 --1194 --204 --49
2019 --2057 --626 --47
Updated on:
07 Feb 2019 07:49 pm
Published on:
07 Feb 2019 07:49 pm
