
जैसलमेर में एंटी टैंक मिसाइल हेलीना व धु्रवास्त्र के 5 परीक्षण, खड़े और दौड़ते हुए टैंक चुटकियों में ध्वस्त किए
जोधपुर. सेना ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ मिलकर शुक्रवार को जैसलमेर स्थित फायरिंग रेंज में एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल हेलीना (आर्मी वर्जन) और धु्रवास्त्र (एयरफोर्स वर्जन) का सफल परीक्षण किया। दोनों के न्यूनतम और अधिकतम रेंज मूल्यांकन के लिए एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर से पांच परीक्षण किए गए। पांचों सफल रहे। हेलीना अब आर्मी में इंडक्शन के लिए तैयार है। दोनों ही दुनिया की सर्वाधिक ताकतवर मिसाइल हैं जो किसी भी टैंक को नेस्तनाबूद कर सकती हैं।
डीआरडीओ द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित की गई इन मिसाइलों को स्थिर और गतिशील लक्ष्य के खिलाफ होवर और अधिकतम फॉरवर्ड उड़ान में परीक्षण किया गया। एक परीक्षण युद्धक टैंकों के खिलाफ किया गया। एक अन्य परीक्षण में मूवमेंट करते हुए लक्ष्य पर हेलीकॉप्टर से मिसाइल दागी गई। हेलीना एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग का हेलीकॉप्टर से दागा जाने वाला वर्जन है जो डायरेक्ट हिट मोड के साथ-साथ टॉप अटैक मोड में दोनों को लक्षित कर सकता है। हेलीना रात और दिन किसी भी समय लक्ष्य को भेद सकती है। यह भी दागो और भूल जाओ के सिद्धांत पर काम करती है। नाग मिसाइल की अधिकतम सीमा 4 किमी है जबकि हेलीना 8 किमी तक हमला कर सकता है। इंफ्रारेड इमेजिंग द्वारा निर्देशित, मिसाइल लॉक-ऑन-लॉन्च लॉन्च मोड पर संचालित होती है जो इसकी स्ट्राइक रेंज का विस्तार करने में मदद करती है।
Published on:
19 Feb 2021 09:00 pm
