
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/खारिया मीठापुर। वर्ष 2023 में 10 अबूझ सावों सहित कुल 57 सावे रहेंगे। इनमें भी सबसे ज्यादा 15 सावे मई महीने में रहेंगे। इनमें एकल विवाह के साथ ही विभिन्न समाजों तथा संगठनों की ओर से सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। नए साल में होने वाले शादी ब्याह के लिए बाजार में खरीदारी भी शुरू होने लगी है। नए साल में शादियां ज्यादा होने से व्यापारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
मलमास और चातुर्मास में नहीं होंगी शादियां
मलमास, अधिकमास, क्षयमास व चातुर्मास में मांगलिक वैवाहिक कार्य नहीं किए जाते हैं। खरमास इस वर्ष 15 मार्च से 14 अप्रेल तक रहेगा। अप्रेल महीने में विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा। मलमास 16 दिसंबर से 14 जनवरी 2024 तक रहेगा। इस दौरान भी मांगलिक कार्य नहीं होंगे , वहीं अप्रेल महीने में एक भी सावे नहीं है। 29 जून को देवशयनी एकादशी के अबूझ सावे पर विवाह समारोह पर रोक लग जाएगी। अधिकमास 18 जुलाई से 16 अगस्त और चातुर्मास 29 जून से 23 नवंबर के बाद देवउठनी एकादशी के अबूझ सावे 23 नवंबर के साथ पुन: शादी सहित अन्य मांगलिक कार्य शुरू होंगे।
इस बार चातुर्मास में अस्त होगा शुक्र तारा
ज्योतिषाचार्य पंडित बालमुकुन्द पारीक ने बताया कि ग्रहों के योग बनने और शुक्र का तारा इस बार चातुर्मास में अस्त होने के कारण नए वर्ष में सावे अधिक रहेंगे। साल 2022 में 30 सावे ही थे, नए साल 2023 में 57 सावे शुभ विवाह के होंगे । उनमें 10 अबूझ सावे भी शामिल है। इस वर्ष 2023 में चातुर्मास में अधिकमास होने के कारण 146 दिन जो की 30 जून से 22 नवंबर तक विवाह नहीं होंगे।
Published on:
02 Jan 2023 04:12 pm
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