
सरकार का चौंकाने वाला आंकड़ा, जोधपुर शहर में 90 हजार सीवरेज हौदियों के ढक्कन है हादसों का कारण
जोधपुर.
शहर की प्रमुख सडक़ों पर सीवरेज लाइन के हौद लेवल से काफी ऊपर हैं। इस कारण कई बार हादसे भी होते हैं। सरकार ने अब इस समस्या का समाधान करने के लिए सवा तीन करोड़ का बजट का प्रावधान रखा है। यह जानकारी स्वायत्त शासन मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने मंगलवार को विधानसभा में एक सवाल के जवाब में दी।
उन्होंने पूरक प्रश्न के जवाब के रूप में कहा कि सडक़ के दोनों ओर पानी, बिजली व अन्य सुविधाओं की लाइनें हैं। इसी कारण इन सीवरेज लाइनों को साइड में शिफ्ट नहीं किया जा सकता। विधायक मीना कंवर के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि शहर की बसावट के बाद सबसे पहले 1935 में सीवर लाइन व सीवरेज हौदियां बननी शुरू हुई।
91 हजार से ज्यादा ढक्कन चिह्नितशहर में लगभग 91 हजार 500 सीवरेज के ढक्कन हैं। इनमें से सर्वे कर लेवल से ऊपर-नीचे 858 की मरम्मत कर लेवल में लाया गया है। अन्य चिह्नित स्थानों के लिए बजट जारी किया गया है।
13 सौ किमी से अधिक लाइनशहर में सीवरेज लाइन 13 सौ किमी से अधिक है। प्रोपर्टी कनेक्शन भी किए हुए हैं। सडक़ों की चौड़ाई व विभिन्न आवश्यक जनसुविधाओं की लाइनें सडक़ के नीचे होने से सीवर लाइन को रोड की साइड में करवाया जाना संभव नहीं है।
Updated on:
25 Feb 2020 08:45 pm
Published on:
25 Feb 2020 08:45 pm
