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शहीदों के घर की मिट्टी से पुलवामा में बनाएगा भारत का नक्शा

बेंगलुरू के उमेश जाधव राजस्थान के शहीदों के घर मिट्टी लेने पहुंचे
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A map of India will made in Pulwama with soil of martyrs' house

A map of India will made in Pulwama with soil of martyrs' house

जेके भाटी/जोधपुर. देशभक्ति का कोई पैमाना नहीं होता, इसे जाहिर करने के अपने-अपने तरीके है। एेसा ही देशभक्ति का जुनून गुरूवार को जोधपुर के भाटी चौराहे पर देखने को मिला। जिसकी देशभक्ति का वहां से निकलने वाला हर कोई मुरीद हो गया है। ये शख्स हैं बेंगलुरू के रहने वाले म्यूजिक टीचर उमेश जाधव, जिन्होंने देशभर से शहीदों के गांव की मिट्टी एकत्र करने का बीड़ा उठाया है। वे पुलवामा में शहीदों की याद में इस मिट्टी से भारत का नक्शा बनाएंगे और पुलवामा ने बनने वाले स्मारक में इस मिट्टी से योगदान करेंगे।

12 राज्यों का कर चुके हैं भ्रमण
बेंगलुरू से 9 अप्रैल 2019 को अपनी यात्रा शुरू करने वाले उमेश अब तक 12 राज्यों में जाकर विभिन्न स्थानों से शहीदों के घर की मिट्टी एकत्र कर चुके हैं। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, गोवा, दमन, सिल्वासा, पुडुचेरी, महाराष्ट्र, एमपी, यूपी, और गुजरात की यात्रा के बाद राजस्थान पहुंचे। इसके बाद वे देश के अन्य राज्यों में भी जाकर शहीदों के गांव की मिट्टी एकत्र करेंगे। उनका ये सिलसिला 14 फरवरी 2020 तक चलेगा। मिट्टी एकत्र करने के बाद उमेश पुलवामा पहुंचेंगे जहां शहीदों के गांव की मिट्टी से भारत का नक्शा बनाएंगे। वे आम लोगों की मदद से ही अपना काम पूरा करने में लगे हैं।

राजस्थान के पांच शहीदों के घर की मिट्टी
पुलवामा हमले में शहीद हुए 44 जवानों में राजस्थान के 5 शहीद भी शामिल थे। जयपुर की शाहपुरा पंचायत समिति के गांव गोविंदपुरा बांसड़ी के रहने वाले शहीद रोहिताश लांबा, भरतपुर के गांव सुन्दरावली निवासी शहीद जीतराम गुर्जर व राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के जैतपुर गांव निवासी शहीद भागीरथसिंह के घर जाकर उमेश उनके आंगन की मिट्टी लेकर आए हैं। अब वे राजसमंद के बिनोल गांव निवासी शहीद नारायण गुर्जर व कोटा जिले के सांगोद के विनोद कलां गांव निवासी शहीद हेमराज मीणा के घर जाएंगे। उमेश ने बताया कि इन शहीदों के आंगन की मिट्टी भी भारत के नक्शे व स्मारक का हिस्सा बनेगी।

सडक़ के रास्ते यात्रा
उमेश सडक़ के रास्ते शहीदों की मिट्टी एकत्र करने निकले हैं। वे अब तक 41000 किलोमीटर का सफर तय कर चुके है। इसके लिए उन्होंने दो गाडिय़ों को मोडिफाई किया है। एक गाड़ी जिसमें बैठकर वो यात्रा करते हैं, जबकि उसी के साथ एक और गाड़ी को जोड़ा है, जिसे वो रात के समय आशियाना बनाकर काम में लेते हैं। वे अपनी गाड़ी में ही सारे औजार, एक साइकिल, स्कूटी व शहीदों के गांव की मिट्टी साथ लेकर चलते हैं। उन्होंने कार पर लिखा है ‘शहीदों के परिवारों के साथ खड़े हों और देश की सेना का समर्थन करें’। इसके अलावा उन्होंने अपनी कार पर तिरंगा और अन्य देशभक्ति से जुड़ी चीजें बनवा रखी हैं।

युवाओं के लिए संदेश
उमेश कहते है कि मुझे भारतीय होने पर गर्व है। आज के युवा व्हाट्सएप और फेसबुक में व्यस्त रहते हैं, उन्हें देशभक्ति के लिए कुछ करना चाहिए। मैं ये मिट्टी लेकर पुलवामा जाऊंगा और वहां भारत का नक्शा बनाने में इसका उपयोग होगा।