10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हवेली संगीत का एक सितारा आज हुआ अस्त

50 वर्षों से चौपासनी श्याम मनोहर मंदिर मैं दे रहे थे सेवाएं 106 वर्षीय संत सूरदास महाराज की देह पंच तत्व में हुई विलीन
less than 1 minute read
Google source verification
हवेली संगीत का एक सितारा आज हुआ  अस्त

हवेली संगीत का एक सितारा आज हुआ अस्त

जोधपुर. हवेली संगीत के कीर्तनकार और पखावज वादक 106 वर्षीय संत सांचोरा सूरदास महाराज का देवलोकगमन मंगलवार को हुआ। संस्कृत साहित्य के विद्वान, ज्योतिषाचार्य के देवलोकगमन की सूचना मिलते ही वैष्णव भक्तजनों में शोक की लहर छा गई। ब्रह्मलीन संत ने 50 वर्षों तक चौपासनी के पुष्टिमार्गीय श्याम मनोहर प्रभु के मंदिर में बतौर कीर्तनकार के रूप में अपनी सेवाएँ दीं । हवेली गायकी और पखावज वादन के वे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाविद थे। उन्होंने अंध महाविद्यालय , देहरादून से संगीत और ज्योतिष की प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी । संगीतकार सूरदास ने मंगलवार को अपने चौपासनी ग्राम स्थित आवास में अंतिम सांस ली । सरल हृदयी सूरदास आजीवन ब्रह्मचारी रहे। अपनी सहज विद्वता और संगीत -सिद्ध होने के कारण आमजन में वे बेहद लोकप्रिय होने के साथ अनेक राजनीतिज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों आदि में भी बहुत सम्मान रहा। संत सूरदास पर अनेक कार्यक्रमों का निर्माण हो चुका है । वे आकाशवाणी के ए-ग्रेड कलाकार भी रह चुके थे ।