10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आओ रे म्हारा हंसराज… बछराज…

  पारम्परिक हर्षोल्लास से मनाया बछबारस पर्व
less than 1 minute read
Google source verification
आओ रे म्हारा हंसराज... बछराज...

आओ रे म्हारा हंसराज... बछराज...

जोधपुर. गो-संवद्र्धन और माता तथा बच्चों के बीच स्नेह से जुड़ा मारवाड़ का लोकपर्व बछ बारस रविवार को पारम्परिक हर्षोल्लास से मनाया गया। महिलाओं ने बछड़े वाली गोमाता का वस्त्र, कुंकुम से विधिवत पूजन कर बछबारस से जुड़ी प्रचलित लोककथाओं का श्रवण किया। घरों के बाहर गोवद्र्धन पूजन के रूप में गाय के गोबर की पाळ बनाकर घर के सभी उम्र के बालगोपालों को आओ रे म्हारा हंसराज.... बछराज कहकर आवाज लगाई। सभी बाल गोपालों को तिलक व आरती कर सुसज्जित थाल में रखे लड्डू खिलाया और दीर्घायु की प्रार्थना की। बच्चों ने भी मां का पल्लू थामकर पूजन थाल से लड्डू उठाया और मां के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। शहर की प्रमुख गौशालाओं में महिलाओं ने सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए सामूहिक गौ-पूजन भी किया।

बाजरे की रोटी व चने की सब्जी का सेवन
घरों में महिलाओं ने पौराणिक मान्यतानुसार गेहूं से बने धान तथा गाय के दूध से बने व्यंजनों के अलावा चाकू से कटी हुई सब्जियों का परित्याग किया। वैष्णव घरों में बाजरे की रोटी व मोठ चने की सब्जी का सेवन किया गया।