अबूझ सावे अक्षय तृतीया पर दूसरे साल भी कोरोना संक्रमण की तलवार

 

अधिकांश विवाह स्थगित, प्रथमपूज्य के द्वार एक भी निमंत्रण नहीं

By: Nandkishor Sharma

Published: 11 May 2021, 11:08 PM IST

जोधपुर. वैसाख शुक्ल पक्ष की तृतीया आखातीज को 'अणपूछियाÓ मुहूर्त की मान्यता के बावजूद इस बार भी सावे फीके रहेंगे। जोधपुर शहर सहित जिले और मारवाड़ के विभिन्न क्षेत्रों में 13 व 14 मई को करीब 1500 से अधिक वैवाहिक आयोजन संभावित थे लेकिन लॉक डाउन के कारण अधिकांश विवाह या तो स्थगित हो चुके है अथवा टाल दिए गए है। शहरवासियों के लिए प्रथम पूज्य रातानाडा गणेश मंदिर में एक भी विवाह का निमंत्रण पत्र नहीं पहुंचा है। मंदिर के पुजारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि आखातीज पर अमूमन जोधपुर व जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 200 से 250 निमंत्रण पत्र प्रथम पूज्य को चढ़ाने आते है लेकिन यह पहला मौका है जब एक भी निमंत्रण नहीं पहुंचा है।

आखातीज पर बन रहा है सुकर्मा योग
इस बार अक्षय तृतीया के दिन 14 मई को सुकर्मा योग बन रहा है । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 12 महीने में 11 माह ऐसे हैं , जिसमें युगादि , मन्वादि तिथियों का संयोग आता है। जिस समय युग का आरंभ हुआ हो , वह युगादि तिथि का केंद्र बिंदु चक्र में आता है , हालांकि यह स्पष्ट है कि मूल रूप से युगादि तिथि वैशाख शुक्ल तृतीया मानी गई है , परंतु इसमें दक्षिण का गणित थोड़ा अलग है । इस बार अक्षय तृतीया को तिथि 60 घटी की रहेगी। मृगशिरा नक्षत्र , सुकर्मा योग , तैतिल करण तथा वृषभ राशि का चंद्रमा रहेगा । शास्त्रीय मान्यता के आधार पर अक्षय तृतीया पर दो घट का विधिवत पूजन करके दान करना चाहिए । इस दिन किया गया दान अक्षय माना जाता है। पितरो का तर्पण और पिण्डदान करना भी शुभ है।

Nandkishor Sharma Desk
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