
जोधपुर।
दस हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम) शहर (द्वितीय) विजयसिंह नाहटा एनएच-६५ (जोधपुर-नागौर) सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत बजट में से चालीस करोड़ रुपए निजी बैंक में शिफ्ट करने की फिराक में था।
इसके पीछे बड़े कमीशन का अंदेशा जताया जा रहा है। उधर, एसीबी ने एडीएम नाहटा को शुक्रवार को चार दिन के रिमाण्ड पर लिया है। ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र चौधरी के अनुसार नाहटा के रिश्वत मांगने की शिकायत के सत्यापन के लिए परिवादी पप्पूदास को गुरुवार दोपहर रिकॉर्डर देकर नाहटा के कार्यालय भेजा था। पप्पूदास के पीछे संविदा कर्मचारी भी नाहटा के चैम्बर में दाखिल हुआ।
इसी दौरान एडीएम व संविदा कर्मचारी के बीच हुई बातचीत भी रिकॉर्डर में रिकॉर्ड हो गई। जिसमें यह सामने आया कि जोधपुर-नागौर (एनएच-६५) पर हाइवे अथॉरिटी ऑफ इण्डिया सड़क निर्माण करा रहा है। इसके लिए किसानों को अवाप्त जमीन का मुआवजा देने के लिए सरकार की ओर से जिला कलक्टर को 55 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे।
मुआवजा राशि का भुगतान एडीएम तृतीय को करना है और इसका चार्ज एडीएम द्वितीय विजयसिंह नाहटा के पास था। यह राशि यस बैंक में सरकारी खाते में जमा है और नाहटा इसमें से चालीस करोड़ रुपए बासनी स्थित एचडीएफसी बैंक में नया खाता खोलकर जमा कराना चाहता था। इसके लिए उसने एडीएम (तृतीय) के तौर पर हस्ताक्षर भी कर दिए थे। एक निजी बैंक से दूसरे निजी बैंक में ट्रांसफर करने के पीछे एसीबी को मोटे कमीशन का संदेह नजर आ रहा है।
Published on:
20 Apr 2019 08:30 am
