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झूले से महिला के गिरने का फर्जी वीडियो वायरल करने का आरोपी गिरफ्तार

- वायरल होने के तीसरे दिन दो दर्जन से पूछताछ कर शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने ढूंढ निकाला - व्हॉट्सएेप में आए वीडियो पर जोधपुर के मेले में हादसा लिखकर किया था वायरल
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Accused arrest who viral fake video of lady fall down from jhula

झूले से महिला के गिरने का फर्जी वीडियो वायरल करने का आरोपी गिरफ्तार


जोधपुर. रावण का चबूतरा मैदान में चल रहे मेले में झूले से महिला के गिरकर मृत्यु होने का फर्जी वीडियो वायरल करना मोबाइल दुकान संचालक को उस समय भारी पड़ गया, जब शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने शुक्रवार को उसे गिरफ्तार किया।

थानाधिकारी रमेशचन्द्र शर्मा ने बताया कि गत नौ जनवरी की रात से व्हॉट्सएेप व सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। उसके साथ एक संदेश लिखा था कि जोधपुर रावण का चबूतरा में लगे जोधपुर फेस्टिवल में झूला गिरने से एक महिला की मृत्यु हो गई। इस बारे में पश्चिमी राजस्थान हस्तशिल्प उत्सव के संचालक सुनील परिहार ने शास्त्रीनगर थाने में गुरुवार को एक परिवाद पेश कर कार्रवाई करने की मांग की।
उप निरीक्षक हरीशचन्द्र सोलंकी के नेतृत्व में कांस्टेबल महेन्द्र व दौलाराम ने जांच शुरू की और कड़ी से कड़ी जोड़ घोड़ों का चौक में नाइयों का बास निवासी उमेश चौहान को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने वीडियो व संदेश वायरल करना स्वीकार किया। इस पर उमेश चौहान (३१) पुत्र शांति प्रकाश सेन को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया।

वीडियो को जोधपुर मेले से जोड़ ग्रुप में भेजा था
एसआई हरीशचन्द्र का कहना है कि उमेश चौहान मिनर्वा कॉम्प्लेक्स में मोबाइल दुकान चलाता है। गत नौ जनवरी की रात ७.५२ बजे चलते झूले से महिला के गिरने का वीडियो आया था। चूंकि रावण का चबूतरा मैदान में भी मेला चल रहा है। एेसे में उसने वीडियो के नीचे ‘जोधपुर रावण का चबूतरा में लगे जोधपुर फेस्टिवल में झूला गिरने से एक महिला की मृत्यु हो गई’ लिखकर एक ग्रुप में डाल दिया। इसके बाद यह वीडियो वायरल होता गया।

‘फॉरवर्डेड’ लिखी सुविधा से पहचान
व्हॉट्सएेप में कहीं और से आए संदेश को आगे भेजने पर उसके ऊपर फॉरवर्डेड लिखा नजर आता है। उसका मतलब होता है कि भेजने वाले के पास यह संदेश कहीं और से आया है व उसने फॉरवर्ड किया है। पुलिस ने व्हॉट्सएेप पर एेसे संदेश भेजने वालों को बुला-बुलाकर जांच शुरू की। एेसे करीब २५ लोगों से पूछताछ की गई। इसके बाद जब उमेश चौहान के मोबाइल की जांच की गई तो उसकी तरफ से वायरल वीडियो पर फॉरवर्डेड लिखा था, लेकिन हिन्दी में लिखे संदेश पर एेसा कुछ नहीं लिखा था। जिससे वह पकड़ में आ गया। फिर पूछताछ में उसने स्वीकार भी कर लिया कि वीडियो कहीं और से आया था। फिर उसने जोधपुर के रावण का चबूतरा मेले से जोडक़र संदेश ग्रुप में डाल दिया था।