
Jodhpur Crime: राजस्थान के जोधपुर में दो मासूम भाई-बहन को फंदे से लटकाकर मारने के मामले में पुलिस ने 24 घंटों के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कई टीमें बनाकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसके बाद सोमवार को नाथद्वारा से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जोधपुर पुलिस ने बताया कि आरोपी श्याम सिंह भाटी पार्टनरशिप तोड़ने से नाराज था। वह प्रदीप देवासी और उसकी पत्नी से बदला लेना चाहता था। इसलिए उसने प्रदीप देवासी के दोनों मासूम बच्चों तमन्ना उर्फ तन्नु (12) और बेटे शिवपाल (8) को फंदे लटकाकर मार डाला। पुलिस को घटनास्थल से एक नोट भी मिला है। इसमें श्याम सिंह भाटी ने ऐसी बातें लिखीं, जिसे पढ़कर पुलिस के भी होश उड़ गए।
श्याम सिंह भाटी ने लिखा कि वह पार्टनरशिप तोड़ने से नाराज था और प्रदीप देवासी से बदला लेना चाहता था। आरोपी ने लिखा था कि बच्चे तो मासूम होते हैं, बच्चों की कोई गलती नहीं है। मैं तो सिर्फ प्रदीप देवासी और उसकी पत्नी से बदला लेना चाहता था। अगर में प्रदीप देवासी और उसकी पत्नी को मार देना तो उन्हें सजा कैसे मिलती। दोनों बच्चे भी अनाथ हो जाते। इसलिए मैंने दोनों बच्चों को ही मार डाला ताकि प्रदीप देवासी और उसकी पत्नी को जीवनभर इसका दर्द झेलना पड़े।
बता दें कि जोधपुर के बोरानाडा स्थित मकान के एक कमरे में रविवार को दो मासूम भाई-बहन स्कूली ड्रेस में फंदे पर लटके मिले थे। बच्चों का पिता करीब 15-20 साल से बोरानाडा में रहता है। वह चूड़ियों की एक फैक्ट्री में काम करता था। श्याम सिंह भाटी उसी फैक्ट्री में मुनीम था। करीब साल भर पहले श्याम सिंह ने फैक्ट्री छोड़ दी थी। फिर उसने मृतकों के पिता से सम्पर्क किया और साझेदारी में चूड़ियां बनाने की फैक्ट्री शुरू करने का प्रस्ताव रखा था। तब श्याम सिंह ने बोरानाडा में मकान किराए पर लेकर दो मशीन लगाई और साझेदारी में चूड़ियां बनाने की फैक्ट्री शुरू की थी।
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बच्चों के पिता को रुपए न देने से विवाद हो गया। करीब 1 महीने पहले उसने साझेदारी में काम करना बंद कर दिया और पहले वाली फैक्ट्री में नौकरी शुरू कर दी। साथ ही श्याम सिंह की फैक्ट्री की बजाय पत्नी व दोनों बच्चों के साथ फैक्ट्री में ही रहने लगा। पुलिस ने बताया कि आरोपी फलोदी जिले का रहने वाला है। उसने करीब 20 साल पहले ही परिवार को छोड़ दिया था। पुलिस के अनुसार श्याम सिंह के पास बच्चों की स्कूली बस के ड्राइवर के नंबर थे। उसने ड्राइवर को फोन करके कहा कि बच्चे नहीं आएंगे। इसके बाद जब दोनों बच्चे स्कूल जाने के लिए घर से निकले तो श्याम सिंह दोनों को बाइक पर बैठाकर रवाना हो गया।
Updated on:
27 Jan 2025 03:51 pm
Published on:
27 Jan 2025 12:56 pm
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