2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जोधपुर के फिल्म अभिनेता शैलेष कुमार का निधन

गुजरे जमाने के फिल्मी सितारे शैलेष कुमार का शुक्रवार को जोधपुर में 76 की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने वर्ष 1957 से लेकर 1977 तक करीब 28 फिल्मों में काम किया। मीना कुमारी, धर्मेन्द्र, बलराज साहनी जैसे दिग्गज अभिनेताओं के साथ काम करने के बावजूद उन्हें वांछित सफलता नहीं मिली थी। शैलेष कुमार को […]

2 min read
Google source verification

image

Harshwardhan Singh Bhati

Apr 21, 2017

actor of bygone years shailesh kumar, actor shailesh kumar died, death of bollywood actors, bollywood actors of jodhpur, jodhpur news

actor of bygone years shailesh kumar, actor shailesh kumar died, death of bollywood actors, bollywood actors of jodhpur, jodhpur news

गुजरे जमाने के फिल्मी सितारे शैलेष कुमार का शुक्रवार को जोधपुर में 76 की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने वर्ष 1957 से लेकर 1977 तक करीब 28 फिल्मों में काम किया। मीना कुमारी, धर्मेन्द्र, बलराज साहनी जैसे दिग्गज अभिनेताओं के साथ काम करने के बावजूद उन्हें वांछित सफलता नहीं मिली थी। शैलेष कुमार को काजल फिल्म के 'मेरे भैया मेरे चंदा मेरे अनमोल रतन' गाने के लिए पहचाना जाता है, जो मीना कुमारी और उन पर फिल्माया गया था। आज भी रक्षाबंधन पर यह गाना खूब बजता है। ऐसा कहा जाता है कि वे विफलता के बाद अपने शहर जोधपुर लौट आए थे, लेकिन उनके परिवार वालों का कहना है कि स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की वजह से वे जोधपुर लौट आए थे। लेकिन इतना तय है कि बालीवुड ने उन्हें भुला दिया और गुमनामी में वे दुनिया छोड़ गए। उनका अंतिम संस्कार जोधपुर में शुक्रवार शाम कर दिया गया।

बलराज साहनी और मीनाकुमारी के साथ भाभी की चूडिय़ां फिल्म से अपना फिल्मी करिअर शुरू करने वाले शैलेश कुमार ने उस दौर में नामचीन कलाकारों के साथ बेगानाए नई रोशनीए ये रात फिर न आएगी, आधी रात के बाद, काजल, शहीद, गोल्डन आइज, मयखाना, सस्ता खून महंगा प्यार, पहचान, फिर कब मिलोगी, हमराही जैसी फिल्में की थी। चरस में वे आखिरी बार एक छोटी सी भूमिका में दिखाई दिए थे। उसके बाद उन्होने माया नगरी से नाता तोड़ लिया था।

जानकारों ने बताया कि वे जोधपुर में तापी बावड़ी स्थित अपने पुस्तैनी मकान हाकम साहब की हवेली में लौट आए थे। शैलेश कुमार का मूल नाम शंभुनाथ पुरोहित था और वे तीन भाइयों और एक बहिन में मध्यम थे। उनका थिएटर से जुड़ाव जोधपुर के जसवन्त कॉलेज से ही था। तब उनके साथ मंच पर ओम शिवपुरी भी हुआ करते थे लेकिन शैलेश कुमार को पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण फिल्मों में ब्रेक जल्दी मिला।

कम उम्र में ही हो गए थे बीमारी के शिकार

जानकारों का कहना है कि शैलेष ने इसलिए फिल्म इंडस्ट्री को नहीं छोड़ दिया था कि वे उसमें सफलता अर्जित नहीं कर पा रहे थे। इसकी प्रमुख वजह उनका स्वास्थ्य था। कम उम्र में ही थाइरॉइड की बीमारी के चलते उन्हें खासी सर्जरीज से गुजरना पड़ा। रेडिएशन आदि के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ता ही चला गया। इसके चलते उन्हें वापस अपने मूल निवास जोधपुर लौट आना पड़ा। उनका असल नाम शंभू पुरोहित था। उनसे जुड़े लोगों ने बताया कि शैलेष ने करीब 28 से अधिक फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ी थी।

ये भी पढ़ें

image