
– हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को किया निरस्त
– एससीएटी एक्ट में आरोपी बेटे को जमानत पर किया रिहा
जोधपुर. वृद्ध पिता जो पेशेवर वकील नहीं है, लेकिन हाईकोर्ट में अपने बेटे का पक्ष बड़े ही प्रभावी तरीके से रखा। पिता ने गुहार लगाई कि उसका बेटा पूरे परिवार का अकेला कमाऊ सदस्य है। उसके एक माह से जेल में बंद रहने से सवाल खड़ा हो गया है कि हमारा पेट कौन भरेगा। अवकाशकालीन न्यायाधीश विनीत माथुर ने आरोपी के पिता व अभियोजन पक्ष के तर्क सुनने और मामले का रिकॉर्ड देखकर अनुसूचित जाति-जनजाति के विशेष न्यायाधीश पाली के आदेश को निरस्त कर आरोपी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। आरोपी को 50 हजार के जमानती बॉर्ड भरने व पर रिहा करने के आदेश दिए गए हैं।
आरोपी दिनेश पुत्र सत्यनारायण माली की ओर से दायर आपराधिक अपील को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने ये आदेश दिए। उसे आईपीसी व एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत पाली कोतवाली थाना पुलिस ने विशेष न्यायाधीश के 4 मई के आदेश के तहत गिरफ्तार किया गया था।