आखिर पर्यटकों के लिए खुल ही गए मंडोर के प्रवेश द्वार

 

पत्रिका की खबरों का असर, अब हो सकेंगे विरासत दर्शन

 

By: Nandkishor Sharma

Updated: 13 Jul 2021, 11:09 AM IST

जोधपुर. देश दुनिया में अपनी ऐतिहासिक विरासत की पहचान रखने वाले मण्डोर उद्यान के प्रवेशद्वार आखिरकार पर्यटकों के लिए खोल दिए गए। अनलॉक-3 की गाइडलाइन में पर्यटन स्थलों व ऐतिहासिक स्थलों में पर्यटकों को छूट के बावजूद जोधपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल मंडोर के प्रवेश द्वार बंद होने से रोजाना विभिन्न राज्यों से आने वाले पर्यटक निराश लौट रहे थे।

राजस्थान पत्रिका ने पर्यटकों की समस्या और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों, खास तौर से होटल्स, पेइंग गेस्ट, गेस्ट हाउस, टैक्सी, ऑटो चालक और तांगा वाले, टूरिस्ट गाइड आदि के जीवन पर हो रहे असर को देखते हुए 18 जून को 'अनलॉक में भी संग्रहालयों के प्रवेश द्वार लॉकÓ और 4 जुलाई को 'पर्यटन स्थल बंद होने से निराश लौट रहे सैलानीÓ तथा 11 जुलाई को 'मंडोर में देवताओं की साळ तैयार, अब भक्तों का इंतजारÓ, समाचारों का प्रमुखता से प्रकाशन किया। आखिरकार राज्य सरकार के आदेश से मंडोर के प्रवेश द्वार पर्यटकों के खुल ही गए।

आपसी तालमेल न होने से देरी

मंडोर राजकीय संग्रहालय, जनाना महल, इक थंबा महल जैसी धरोहरें पुरातत्व विभाग के अधीन है। मंडोर के ऐतिहासिक देवलों सहित मंडोर के ऐतिहासिक किले की देखरेख मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट करता है। मंडोर पर्यटन स्थल जरूर है लेकिन पर्यटन विभाग का कोई लेना देना नहीं है। पीडब्ल्यूडी और उद्यान विभाग का हस्तक्षेप मंडोर के विकास कार्यों में है। ऐसे में राज्य सरकार की गाइड लाइन में पर्यटकों को संग्रहालय व मंदिर दर्शन की छूट देने बावजूद विभागों के आपसी तालमेल नहीं होने से मंडोर आने वाले हजारों सैलानी रोजाना निराश लौट रहे थे।

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Nandkishor Sharma Desk
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