10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

10 साल की आयु में संघ से जुडऩे के बाद राज्यसभा सांसद तक का पूरा सफर, पढ़े…

पार्टी ने कहा तो वार्ड का चुनाव भी लड़ लिया था गहलोत ने शेखावत, राजनाथ जैसे कई दिग्गजों के साथ किया काम, अब मिला राज्यसभा का मुकाम  
2 min read
Google source verification
10 साल की आयु में संघ से जुडऩे के बाद राज्यसभा सांसद तक का पूरा सफर, पढ़े...

10 साल की आयु में संघ से जुडऩे के बाद राज्यसभा सांसद तक का पूरा सफर, पढ़े...

जोधपुर.
सबसे पहले राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, फिर जनसंघ व जनता पार्टी और बाद में भारतीय जनता पार्टी, सभी संगठनों में पिछले करीब पांच दशकों से काम कर रहे राजेंद्र गहलोत भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिने जाने हैं, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उप राष्ट्रपति स्व. भैंरोंसिंह शेखावत व देश के मौजूदा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सरीखे वरिष्ठ नेताओं के साथ काम कर चुके गहलोत ने खुद को कभी बड़ा नहीं समझा। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पहले प्रदेशाध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, शेखावत सरकार में मंत्री और जोधपुर में यूआईटी चेयरमैन रह चुके गहलोत को पार्टी ने 2015 में पार्षद का चुनाव लडऩे को कहा तो वे तैयार हो गए। उन्हें संभावित महापौर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन ऐनवक्त पर बाजी पलट गई। फिर भी गहलोत पांच साल पार्षद रहे और अपनी वरिष्ठता का गुमान नहीं किया। गहलोत शुक्रवार को राजस्थान से राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं।

दस साल की आयु में ही संघ से जुड़ जाने वाले गहलोत ने जनसंघ की यूथ विंग से राजनीति शुरू की। जन युवा संघ के प्रदेश महामंत्री के रूप में 1972 में वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, शेखावत जैसे दिग्गज नेताओं के साथ गहलोत ने बाड़मेर के मुनाबाव में शिमला समझौते के खिलाफ 15 दिन तक सत्याग्रह किया। वे जेपी आंदोलन के प्रदेश सह संयोजक रहे। उन्होंने जोधपुर में जेपी की विशाल जनसभा भी करवाई। आपातकाल के दौरान मिशा बंदी के रूप में 21 महीनों तक जेल में रहे।
लम्बे राजनीतिक सफर में गहलोत ने 1977 व 1980 में पाली के सोजत विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सके। वे 1981 से 1986 तक भाजयुमो के पहले प्रदेशाध्यक्ष रहे। गहलोत ने 1988 में भाजयुमो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में राजनाथसिंह व कलराज मिश्र के नेतृत्व में भी काम किया। गहलोत 1990 में पहली बार जोधपुर के सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 1993 में लगातार दूसरी बार विधायक बने। इस दौरान शेखावत सरकार में जलदाय व सूचना एवं जनसंपर्क राज्यमंत्री के रूप में काम किया। जोधपुर लिफ्ट केनाल का अधूरा काम पूरा करवाने के लिए लम्बा संघर्ष करने वाले गहलोत को वसुंधरा राजे ने 2006 में जोधपुर नगर विकास न्यास का अध्यक्ष बनाया। उन्होंने 2008 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने चुनाव भी लड़ा, लेकिन जीत नहीं पाए। ओबीसी वर्ग पर मजबूत पकड़ रखने वाले गहलोत अभी पार्टी संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष, जोधपुर नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष और राजस्थान अरबन कॉ-ऑपरेटिव बैंक्स फैडरेशन के चेयरमैन भी हैं।