
After Mehrangarh tragedy, Jodhpur celebrated Eid festival simply
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ( Rajasthan High Court ) ने मेहरानगढ़ दुखांतिका ( Mehrangarh Tragedy ) से जुड़ी जस्टिस जसराज चौपड़ा जांच आयोग की रिपोर्ट ( Jasraj chopra Inquiry commission report ) सीलबंद लिफाफे मेे पेश करने के आदेश दिए, राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि राज्य कैबिनेट ने रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर नहीं रखने का निर्णय किया है। रिपोर्ट के कुछ अंश सार्वजनिक होने पर कानून व्यवस्था प्रभावित होने का अंदेशा जताया। इससे यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है ( matter back to the headlines ) । हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है।
सादगी से ईद
मेहरानगढ़ में नवरात्रा पर 30 सितंबर 2008 को हुए हादसे में 216 श्रद्धालुओं की मृत्यु होने पर पूरा शहर स्तब्ध रह गया था। उस समय धर्म, जाति, संप्रदाय या वर्ग भूल कर सभी इस गम में बराबर के शरीक थे। तब ईद से एक दिन पहले ईदगाह में जुटे शाइरों की जोधपुर की ईदगाह में हुई मीटिंग में मृतकों को श्रद्धंाजलि अर्पित कर लोगों से सादगी से ईद मनाने की अपील की गई थी। ईदगाह में हुई इस मीटिंग में मशहूर शाइर शीन काफ निजाम ( Sheen kaag nizam ) , ए डी राही, हबीब कैफी, इकबाल कैफ, सागरुल कादरी, शीन मीम हनीफ, निसार राही, अफजल जोधपुरी व बृजेश अंबर आदि कई शाइर शरीक हुए थे। तत्कालीन शहर खतीब और पेश इमाम काजी मोहम्मद अय्यूब अन्सारी ने नये कपड़े नहीं पहने थे और वे शाही सवारी में भी सवार नहीं हुए थे। काजी मोहम्मद अय्यूब अन्सारी ने ईद ( eid in jodhpur ) की नमाज के बाद लोगोंं से सादगी से ईद मनाने की अपील की थी। साथ ही ईदगाह में शोक प्रस्ताव पढ़ा गया था। हालांकि जोधपुर के लोगों ने स्वत: ही सादगी से ईदुल फित्र मनाई थी ( celebrated Eid festival simply )।
Published on:
31 Jul 2019 04:33 pm
