
युद्ध और कारोबार के हालात दिखाती एआई की मदद से तैयार तस्वीर - पत्रिका
Rajasthan News: ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध का असर अब दुनिया के बड़े देशों पर पड़ने लगा है। दुनियाभर के कई देशों में हवाई यातायात बड़े स्तर पर प्रभावित हुआ है। उसके साथ ही तेल और गैस से जुड़े कारोबार भी बड़े स्तर पर प्रभावित हो रहे हैं। इनके अलावा अब छोटे उद्योग भी चपेट में आ रहे हैं। मामला राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट कारोबार से जुड़ा हुआ है। दरअसल नई दिल्ली में 11 से 14 मार्च तक आयोजित होने वाला प्रतिष्ठित आईएमएम इंडिया फर्नीचर फेयर फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इस मेले में राजस्थान के कई हैंडीक्राफ्ट कारोबारी शामिल होने वाले थे। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव तथा मध्य.पूर्व के हवाई मार्ग प्रभावित होने के कारण यह फैसला लिया गया है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में अनिश्चितता को देखते हुए आयोजकों ने मेले को फिलहाल टालने का निर्णय किया है।
यह फेयर जर्मनी की संस्था की ओर से आयोजित किया जाना था, जिसमें जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन की भी भागीदारी थी। इस मेले में जोधपुर के करीब 70 से 100 हैंडीक्राफ्ट और फर्नीचर निर्यातक अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने वाले थे। आयोजन में यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों के खरीदारों के बड़ी संख्या में आने की उम्मीद थी।
जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. भरत दिनेश ने बताया कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात में मेले का स्थगित होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि मध्य.पूर्व के हवाई मार्ग प्रभावित होने से कई विदेशी खरीदारों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अनिश्चितता के कारण आयोजकों ने एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों के माध्यम से निर्यातकों को नए बाजार और बड़े ऑर्डर मिलने का अवसर मिलता है। मेले के स्थगित होने से उद्योग को फिलहाल अस्थायी झटका लगा है।
जोधपुर देश के प्रमुख हैंडीक्राफ्ट निर्यात केंद्रों में शामिल है। यहां तैयार होने वाला लकड़ी का फर्नीचर, सजावटी वस्तुएं और हस्तशिल्प उत्पाद बड़ी मात्रा में यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों में भेजे जाते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों का टलना निर्यातकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले ही एलपीजी गैस की आपूर्ति और लागत बढ़ने जैसी समस्याओं से उद्योग प्रभावित है। अब वैश्विक तनाव के कारण व्यापारिक गतिविधियों में आई रुकावट से कारोबार पर असर पड़ सकता है।
राज्य में लगभग 6 लाख कारीगर और शिल्पकार इस उद्योग से जुड़े हैं। राजस्थान से हर साल करीब 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का निर्यात होता है। देश के कुल हैंडीक्राफ्ट निर्यात में राजस्थान की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत मानी जाती है। जोधपुर, जयपुर, बीकानेर और उदयपुर इस उद्योग के प्रमुख केंद्र हैं। लकड़ी का फर्नीचर, धातु शिल्प, ब्लू पॉटरी, कालीन, दरी और सजावटी वस्तुएं अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी लोकप्रिय हैं।
Published on:
08 Mar 2026 11:31 am
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