
फलोदी. बीमार कुरजां का उपचार करते हुए
इसके बाद खीचन के आस-पास के इलाकों से भी बीमार कुरजां की सूचनाएं आने लगी। शाम तक बीमार कुरजां की संख्या 36 हो गई और 4 कुरजां ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पशु चिकित्सकों ने इस मामले को पृथमदृष्ट्या फूड पॉइजनिंग बताया है।
गौरतलब है कि गत 7 नवम्बर को खीचन में एक साथ 39 कुरजां पक्षियों की मौत हो गई थी और अब फिर से एक साथ 36 पक्षियों के बीमार होने व 4 पक्षियों की मौत होने से पक्षी प्रेमियों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। गत हादसे के बाद वन्यजीव विभाग ने मृत कुरजां के विसरा के सैंपल देश के अलग-अलग लैब में भेजे थे। वहीं दूसरी तरफ जोधपुर में हुए पोस्टमार्टम में मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए थे।
पहले चुग्गाघर, फिर कई जगहों पर मिले बीमार पक्षी-
पक्षी प्रेेमी सेवाराम माली ने बताया कि आज सुबह पक्षी चुग्गाघर में पक्षी दाना लेने के बाद आसमान में उड़ान भर रहे थे। इसके बाद अचानक आसमान से कुछ पक्षी नीचे गिर गए। मामले की जानकारी डॉ. भागीरथ सोनी को दी गई तथा वे तत्काल मौके पर पहुंचे और बीमार पक्षियों का उपचार शुरू किए। इसके बाद विजयसागर, रातड़ी नाडी, मलार व आमला आदि इलाकों में बीमार पक्षियों के मिलने की सूचनाएं मिली। जिस पर सभी बीमार पक्षियों को खीचन लाकर उपचार किया गया। डॉ. सोनी ने बताया कि मृत कुरजां के शव जांच के लिए क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला जोधपुर में भेजे जाएंगे तथा रेस्क्यू सेंटर में भर्ती पक्षियों का नियमित फोलोअप किया जाएगा। इस दौरान डॉ. हेमसिंह गहलोत, क्षेत्रीय वन अधिकारी बुधाराम विश्नोई, गोविन्द सिंह, मनोज अािद मौके पर पहुंचे तथा घटना की जानकारी ली।
उपचार के बाद भेजा रेस्क्यू सेंटर-
आज दिन-भर जैसे बीमार पक्षियों के मिलने की सूचनाएं आई। वैसे-वैसे गांव के पक्षी प्रेमी सेवाराम माली, अभिषेक, मनीष, विनोद, नरेश थानवी, केशव नागौरा सहित युवा पक्षियों को उपचार के लिए खीचन लेकर आए। इसके बाद पक्षियों को फलोदी के रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया। रेस्क्यू सेंटर में भर्ती किए गए अधिकांश पक्षी उडऩे में सक्षम नहीं है। (कासं)
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Published on:
01 Jan 2020 11:32 am
