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कृषि जिंसों पर कृषि टेक्स व कृषक कल्याण सेस हटाया जाए

- एमआइए ने राज्य स्तरीय कर परामर्शदात्री समिति के समक्ष औद्योगिक समस्याओं के निराकरण के दिए सुझाव
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जोधपुर

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Amit Dave

Feb 05, 2021

कृषि जिंसों पर कृषि टेक्स व कृषक कल्याण सेस हटाया जाए

कृषि जिंसों पर कृषि टेक्स व कृषक कल्याण सेस हटाया जाए

जोधपुर।
मरुधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन (एमआइए) की ओर से शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई राज्य स्तरीय कर परामर्शदात्री समिति की बैठक में औद्योगिक विकास व औद्योगिक समस्याओं के निराकरण के लिए सुझाव दिए गए।
एमआइए के पूर्व अध्यक्ष व समिति सदस्य सुनील परिहार ने राज्य में समस्त प्रकार की कृषि जिन्सों पर देय 1.60 प्रतिशत कृषि टेक्स व 1 प्रतिशत कृषि कल्याण सेस को घटाकर दोनों को मिलाकर 0.50 प्रतिशत करने के सुझाव दिया। मास्टर प्लान में औद्योगिक प्रयोजनार्थ भूमि के पंजीयन पर पंजीयन व मुद्रांक विभाग की ओर से प्रचलित डीएलसी दर की 3 गुणा राशि की बजाए प्रचलित विकास शुल्क की दर पर पंजीयन करने का सुझाव दिया। प्रदेश में सोलर ऊर्जा उत्पादकों के लिए वर्तमान में प्रचलित नेट मीटरिंग व्यवस्था को जारी रखने, टेक्सटाइल पार्क को जोधपुर में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भिजवाने, प्रदेश के रीको औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित उद्योगों को फ ायर एनओसी प्रदान करने के अधिकार रीको को देने की मांग की।
एमआइए के अध्यक्ष भंवरलाल चौपड़ा व सचिव निलेश संचेती ने बताया कि विकास प्राधिकरण, नगर निकाय, नगर सुधार न्यास की परिधि क्षेत्रों व अन्य क्षेत्रों में कृषि भूमि से औद्योगिक प्रयोजनार्थ भूमि पर उद्योग स्थापित करने में आने वाली परेशानियों को हल करने के सुझाव दिए। एमआइए के पूर्व अध्यक्ष कैलाश एन कंसारा, कमल मेहता, उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के जिला उद्योग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष उमेश लीला, वरिष्ठ हस्तशिल्प निर्यातक विनोद जौहरी, नीरज सुराणा व सचिव राजेश सोलंकी ने भी औद्योगिक विकास के लिए सुझाव दिए।