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AGRI–जीरा-ईसब को कटाई से होने वाले नुकसान से बचाएगा कृषि विवि

- कृषि विवि भाभा अटॉमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) के साथ मिलकर शुरू किया शोध - बार्क के साथ एमओयू करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय
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जोधपुर

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Amit Dave

Mar 07, 2021

AGRI--जीरा-ईसब को कटाई से होने वाले नुकसान से बचाएगा कृषि विवि

AGRI--जीरा-ईसब को कटाई से होने वाले नुकसान से बचाएगा कृषि विवि

जोधपुर।

जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय भाभा आणविक अनुसंधान संस्थान (बार्क) मुम्बई के साथ मिलकर जीरा, ईसबगोल, प्याज आदि सब्जियों व मसाला फसलों में कटाई के बाद होने वाले नुकसान को रोकने व उनको बचाने का काम करेगा। जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय ने बार्क के बीच समझौते के तहत अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों में तथा कृषि में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में परस्पर सहयोग के लिए काम शुरू कर दिया है। पांच वर्षीय समझौते के तहत बार्क व विवि मिलकर महत्वपूर्ण फ सलों की उन्नतशील व रोगरोधी किस्मों पर काम करेंगे, जो पश्चिमी राजस्थान की जलवायु के अंतर्गत अधिक उपज व गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पैदा करने में सक्षम होगी। बार्क के साथ एमओयू करने वाला जोधपुर प्रदेश का पहला कृषि विवि है।

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हाइड्रोजेल व ट्राइकोडर्मा पर होगा अनुसंधान

बार्क द्वारा उत्पादित हाइड्रोजेल उत्पाद से पश्चिमी राजस्थान में कम पानी से फसलों का उत्पादन होगा। यह उत्पाद भूमि में पानी को सोंखकर पौधों को उपलब्ध कराता है। विवि में इस उत्पाद पर अनुसंधान किए जाएंगे। बार्क के सहयोग से ट्राइकोडर्मा मित्र फफूंद का कृषि विवि में उत्पादन कर किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। ट्राइकोडर्मा विभिन्न फसलों में लगने वाली बीमारियों की रोकथाम करने में मदद करता है।

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विवि के शोधार्थी जाएंगे बार्क

बार्क में स्थित फूड टेक्नोलॉजी, मॉल्यूकूल बॉयोलॉजी, न्यूक्लियर एग्रीकल्चर, बॉयो टेक्नोलॉजी आदि उच्च स्तरीय प्रयोगशालाओं में विवि के विवि के स्नातकोत्तर व पीएचडी के विद्यार्थियों व फेकल्टी को अध्ययन व अनुसंधान का मौका मिलेगा।

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कृषि विवि व बार्क के आपसी समझौते के तहत अनुसंधान चल रहा है। इस समझौते से विभिन्न फसलों, किस्मों का विकास होगा बल्कि यहां के विद्यार्थियों को बार्क में करने का अवसर भी मिलेगा।

डॉ एमएल मेहरिया, वैज्ञानिक व जनसंपर्क अधिकारी

कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर