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सात माह से बंद जोधपुर जिले के सभी धार्मिक स्थल आज से खुलेंगे

  10 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक बुजुर्गों को प्रवेश नहीं
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सात माह से बंद जोधपुर जिले के सभी धार्मिक स्थल आज से खुलेंगे

सात माह से बंद जोधपुर जिले के सभी धार्मिक स्थल आज से खुलेंगे

जोधपुर. करीब सात माह से बंद जोधपुर के सभी प्रमुख मंदिरों व धार्मिक स्थलों को गुरुवार से खोल दिया जाएगा। मंदिरों में सेनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग सहित प्रवेश और निकासी मार्ग, मास्क की अनिवार्यता और सुरक्षा के सभी उपायों व कोविड-19 गाइडलाइन की पालना करनी होगी। मंदिर परिसर में साफ सफाई व सेनिटाइज कर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए छह फीट की दूरी पर बॉक्स मार्र्किंग पहले ही किए जा चुके है। मसूरिया स्थित लोकदेवता बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्र चौहान ने बताया कि मंदिर में सैनिटाइजनेशन के साथ थर्मल स्क्रीनिंग और सोशल डिस्टेंसिंग टनल की तैयारियां पूरी हो चुकी है।

जोधपुर जिले में आज से धार्मिक स्थल खोलने की अनुशंषा
गृह विभाग , राजस्थान जयपुर की ओर से जारी आदेश की अनुपालना में वर्तमान परिपेक्ष्य में कोविड -19 की स्थिति को देखते हुए जिले में धार्मिक स्थलों को सावधानीपूर्व खोले जाने के संबंध में अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रथम) मदनलाल नेहरा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में प्रमुख धार्मिक स्थलों के अध्यक्ष, पुजारियों से विस्तृत चर्चा एवं प्राप्त सुझावों के आधार पर समिति की ओर से सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया गया कि जोधपुर जिले में 5 नवम्बर से धार्मिक स्थलो को खोलने तथा देवस्थान विभाग के अधीनस्थ धार्मिक स्थलों को 6 नवम्बर से खोले जाने के लिए अनुशंषा की जाती है ।

इन नियमों का पालन करना होगा जरूरी
मंदिरों में बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति बिना मास्क के आता है तो मंदिर प्रशासन अपने स्तर से भी मास्क की व्यवस्था करे ताकि बिना मारक के दर्शनार्थी मंदिर में प्रवेश नहीं करे । मंदिर प्रशासन भीड़ नियंत्रित करने के माकूल इंतजाम सुनिश्चित करेगें । पुजारियों को भी कोविड -19 गाईड लाईन की पूर्ण पालना करनी होगी। धार्मिक स्थलों पर साबुन से हाथ धोने की व्यवस्था , मास्क , रेलिंग , सीढियों , दरवाजों पर दो बार हाईपोक्लोराईड से सेनेटाईज करना होगा। मंदिर के घण्टी को कपड़े से सील रखना होगा। मुख्य मंदिर में दर्शनार्थियों को खड़ा रखने के लिए सोशल डिस्टेसिंग की पालना सुनिश्चित करनी होगी। मंदिर परिसर में प्रसाद को चढ़ाने की व्यवस्था मंदिर के प्रवेश द्वार पर ही करनी होगी। मंदिर परिसर में प्रसाद का वितरण नहीं किया जा सकेगा। मंदिर प्रबंधन की ओर से दर्शनार्थियों को मास्क, सामाजिक दूरी, थर्मल स्कैनिंग, हैण्डवॉश और सेनेटाईजर की प्रावधानों की अनिवार्य रूप से पालना करवानी होगी । मंदिर में नो मास्क नो एन्ट्री की सख्ती से पालना करना होगा। दर्शनार्थियों के नाम पता एवं मोबाईल नंबर सहित रजिस्टर में अनिवार्य रूप से संधारित करना होगा । मंदिरों में 10 वर्ष से कम आयु के बच्चो एवं 65 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों का दर्शन में प्रवेश कोविड -19 सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मान्य नहीं होगा ।