वैकल्पिक किला रोड को हरी झंडी का इंतजार

 

बजट अभाव में यूजर एजेन्सी की ओर से अभी तक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तक तैयार नहीं,

वन क्षेत्र से होकर गुजरेगा वैकल्पिक मार्ग

By: Nandkishor Sharma

Published: 20 Nov 2020, 11:27 PM IST

जोधपुर. विश्वविख्यात मेहरानगढ़ पिछले एक दशक से खुद अपने दर्शकों के लिए मुश्किल और घुमावदार संकरे रास्ते को सुगम बनाने के लिए वैकल्पिक मार्ग को हरी झंडी नहीं मिलने का दर्द समेटे है। विश्व पर्यटन के क्षेत्र में जोधपुर की छवि को निखारने और पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पर्यटक सुविधाएं जरूरी हैं।

मंडोर क्षेत्र के बालसमंद से घोड़ा घाटी मार्ग पर सम्पर्क सड़क निर्माण के लिए वनभूमि के प्रत्यावर्तन का प्रस्ताव की जरूरत है। मेहरानगढ़ तक मंडोर घोड़ा घाटी होकर वैकल्पिक मार्ग निर्माण के लिए यूजर एजेन्सी जोधपुर विकास प्राधिकरण अथवा पीडब्ल्यूडी की ओर से प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की कवायद भी शुरू की गई। लेकिन यूजर एजेन्सी की ओर से मामले में कोई प्रगति नहीं हो पा रही है। मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के निदेशक करनीसिंह जसोल ने बताया कि हमने वैकल्पिक रोड निर्माण को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की लेकिन जवाब सिर्फ बजट अभाव होना बताया गया है।

एक दशक से किया जा रहा है प्रयास
पर्यटकों की सुविधा के लिए किले तक पहुंचने के वैकल्पिक मार्ग के लिए मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट की ओर से पिछले एक दशक के दौरान कई बार मुख्य सचिव राजस्थान, सचिव कला एवं संस्कृति राजस्थान, निदेशक पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, सचिव पर्यटन विभाग राजस्थान, जोधपुर सांसद, जोधपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष, संभागीय आयुक्त, विधायक, जिला कलक्टर को लिखित व मौखिक रूप से कहा गया लेकिन मामला जस का तस है।

मिल सकती है लाखों पर्यटकों को राहत

हर साल जोधपुर भ्रमण के लिए १२ लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। इनमें भी करीब दो लाख विदेशी पर्यटक होते हैं। लेकिन किले तक पहुंचने का रास्ता नागौरीगेट के आगे संकरा होने के कारण न केवल पर्यटकों बल्कि शहरवासियों को भी खासी दिक्कतें आती हैं। भविष्य को देखते हुए ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए मंडोर बालसमंद घोड़ाघाटी से होकर किले तक वैकल्पिक मार्ग बनने का प्रस्ताव लंबे अर्से से विचाराधीन है। इस मार्ग के बनने से भविष्य में न केवल जोधपुर के आमजन बल्कि हर साल जोधपुर आने वाले लाखों देशी विदेशी पर्यटकों के लिए राह आसान हो जाएगी।

हमारे पास फाइनल प्रोजेक्ट रिपोर्ट नहीं पहुंची
वैकल्पिक किला रोड के लिए यूजर एजेन्सी की ओर से फाइनल प्रोजेक्ट रिपोर्ट हमारे पास नहीं पहुंची है। रिपोर्ट मिलने के बाद जांच होगी और फिर प्रोजेक्ट को प्रत्यावर्तन (डायवर्जन) अनुमति के लिए भारत सरकार के शीर्ष स्तर पर भेजा जाएगा।

सुनिल कुमार, सहायक वन संरक्षक, जोधपुर।

Nandkishor Sharma Desk
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