
मंडोर गुफा स्थित शिवालय में होती है गोवंश की सेवा, परिव्राट स्वामी ने 100 साल पहले की थी साधना
जोधपुर. मंडोर क्षेत्र में पंचकुण्ड के पास भोगिशैल पहाडिय़ों में स्थित मंडोर ( Mandore ) गुफा का शिवालय 100 से भी अधिक वर्ष पुराना है। आद्य जगदगुरु शंकराचार्य के उपासक रहे परिव्राट स्वामी ने 100 वर्ष पूर्व गुफा में साधना की थी। परिव्राट स्वामी के शिष्य सदानंद महाराज की प्रेरणा से तपोस्थली पर विशाल शिवालय का निर्माण किया गया।
पूरे श्रावण मास में नित्याभिषेक और श्रावण सोमवार को विशेष फूल मंडली का आयोजन किया जाता है। स्वामी पूर्णानंद (प्रताप महाराज ) ने बताया कि शिवालय में हर साल फाल्गुन शुक्ल षष्ठी से त्रयोदशी तक सात दिवसीय अखंड खड़ी सप्ताह का आयोजन होता है जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते है। महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी, गुरुपूर्णिमा, शरद पूर्णिमा को धार्मिक मेले के दौरान बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते है।
मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं ने बताया कि स्वामी सदानंद ने सत्तर के दशक में दिल्ली में आयोजित गौ रक्षा आंदोलन में भाग लेने के बाद गौ-सेवा संकल्प को साकार करने के लिए मंडोर क्षेत्र में शंकर मठ गोशाला और मंडोर गुफा में गोशाला संचालन शुरू किया। वर्तमान में विशाल स्वरूप ले चुकी गोशाला में बड़ी संख्या में गोवंश का पालन पोषण जन सहयोग से किया जा रहा है। मंडोर गुफा मंदिर तक बालसमंद, पंचकुण्ड से होकर सीधे पहुंचा जा सकता है।
Published on:
13 Aug 2019 11:55 am
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