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सैफ, सोनाली, नीलम और तब्बू को बरी करने के खिलाफ लीव टू अपील में विलंब पर सरकार को माफी

कांकाणी कृष्ण मृग शिकार प्रकरण
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जोधपुर.

राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने 20 वर्ष पुराने कृष्ण मृग शिकार प्रकरण (black buck poaching case) में फिल्म अभिनेता सैफ अली खान (saif ali khan), सोनाली बेंद्रे (sonali bendre), नीलम (neelam), तब्बू (tabbu)और एक स्थानीय निवासी दुष्यंतसिंह को बरी करने के खिलाफ राज्य सरकार (state govt.) की ओर से लीव टू अपील दायर करने में हुए विलंब को माफ कर दिया। कोर्ट ने अपील विचारार्थ स्वीकार कर चार सप्ताह बाद सुनवाई नियत की है।


राज्य सरकार की ओर से विलंब को माफ करने के लिए पेश प्रार्थना पत्र पर न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की एकलपीठ में सुनवाई हुई।

लोक अभियोजक महिपाल विश्नोई ने कहा कि कृष्ण मृग शिकार एक शिकायत प्रकरण है, जिसकी अपील की मियाद 180 दिन है।

जबकि हाईकोर्ट रजिस्ट्री ने अवधि की गणना 90 दिन के हिसाब से की है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरकार के प्रार्थना पत्र को मंजूर करते हुए विलंब को माफ कर दिया।

लीव टू अपील पर मार्च में ही पांचों आरोपियों को नोटिस जारी हो चुके थे।

गौरतलब है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर ग्रामीण) ने गत वर्ष 5 अप्रैल को 1-2 अक्टूबर, 1998 की दरम्यानी रात गांव कांकाणी की सरहद में दो कृष्ण मृगों के शिकार के मामले में मुख्य आरोपी फिल्म अभिनेता सलमान खान को पांच साल की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था।

कोर्ट ने इस मामले में शिकार के लिए उकसाने के आरोपी सैफ अली खान, सोनाली, नीलम, तब्बू तथा एक स्थानीय आरोपी दुष्यंतसिंह को बरी कर दिया था। राज्य सरकार ने विधिक परीक्षण के बाद राजस्थान हाईकोर्ट में लीव टू अपील पेश की थी।