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पाक को जवाब देने के लिए बॉर्डर पर आर्मी का बड़ा युद्धाभ्यास, एयरफोर्स भी दे रही एयर सपोर्ट

- सेना की दक्षिण कमान के विभिन्न ट्रूप्स आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस युक्त हथियारों के साथ कर रहे अभ्यास- ड्रोन भी हुए शामिल, एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर व लड़ाकू विमान के साथ छद्म युद्ध
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पाक को जवाब देने के लिए बॉर्डर पर आर्मी का बड़ा युद्धाभ्यास, एयरफोर्स भी दे रही एयर सपोर्ट

पाक को जवाब देने के लिए बॉर्डर पर आर्मी का बड़ा युद्धाभ्यास, एयरफोर्स भी दे रही एयर सपोर्ट

जोधपुर. सेना की दक्षिणी कमान की ओर से पोकरण फायरिंग रेंज में बड़ा युद्धाभ्यास किया जा रहा है। टैंक और तोपों के अलावा इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस युक्त आधुनिक हथियार और तकनीक का बेहतरीन प्रयोग किया जा रहा है। शत्रुओं को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए आर्मी छद्म युद्ध की भांति अभ्यास कर रही है। इसमें जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन भी शामिल है जो जरुरत के अनुसार आर्मी को एयर सपोर्ट देकर युद्धकालीन परिस्थितियों में अभ्यास कर रहा है।

आर्मी की स्वयं की एविएशन यूनिट और उसके धु्रव हेलीकॉप्टर भी विभिन्न ऑपरेशनल गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। हाल ही में आर्मी कमाण्डर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस नैन ने भी बॉर्डर का दौरा करके ऑपरेशन का जायजा लिया और सैनिकों से मुलाकात करके उनकी हौंसला अफजाई की। दरअसल पाकिस्तान की ओर फरवरी में ही सिंध बॉर्डर पर एक महीने लंबा युद्धाभ्यास किया गया था। हाल ही में पाकिस्तानी थलसेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा भी महीने में दो बाद जैसलमेर और बीकानेर बॉर्डर पर नजर आए। सामरिक परिस्थितियों को देखते हुए आर्मी भी पूरी तरीके से शत्रु को जवाब देने की तैयारी कर रही है। युद्धाभ्यास एक पखवाड़े तक चलेगा।

युद्धक ड्रोन भी मैदान में उतारे
आर्मी की ओर से यह युद्धाभ्यास पूरी तरीके से आधुनिक तरीके से लड़ा जा रहा है। अधिकांश हथियार तकनीक युक्त हैं। इसमें युद्धक ड्रोन भी प्रयुक्त किए जा रहे हैं जो सर्विलांस के साथ अटैक करने की क्षमता से परिपूर्ण है। ड्रोन के मार्फत रैकी करके ऑपरेशन करने और आगे बढऩे का अभ्यास किया जा रहा है। इसके अलावा आर्मी एविएशन यूनिट व एयरफोर्स के जहाज व हेलीकॉप्टर उबड़-खाबड़ छोटी हवाई पट्टी पर उतरने और त्वरित एक्शन लेने की तकनीक पर काम कर रहे हैं।

इंटेलीजेंस सर्विलांस व रैकी के नए उपकरण
युद्धाभ्यास में इंटेलीजेंस सर्विलांस और रैकी के लिए स्वदेशी नई पीढ़ी के उपकरणों को शामिल किया गया जो दुश्मन के क्षेत्र और उसकी वास्तविक स्थिति के बारे में सटीक जानकारी देते हैं।