
मारवाड़ में पारा गिरेगा तभी सजेगा पक्षियों का सतरंगी संसार, 100 से अधिक प्रजातियों का होगा आगमन
नंदकिशोर सारस्वत/जोधपुर. जोधपुर जिले और समूचे मारवाड़ में इस साल वेटलैंड्स, तालाब भरे हुए हैं। प्रवासी पक्षी कुरजां के साथ शिकारी पक्षियों का आगमन भी शुरू हो चुका है। तितलियों, कीट, पतंगों और टिड्डी दल के कारण इंडियन रोलर, फ्लाई कैचर, लाक्र्स भी पहुंचना शुरू हो गई है। लेकिन अक्टूबर के प्रथम पखवाड़े में आने वाले 100 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी पक्षी इस बार मारवाड़ में नजर नहीं आए हैं। पक्षी विशेषज्ञ इसका पहला कारण मारवाड़ में प्रवासी परिन्दों के अनुकूल जलवायु नहीं होना मान रहे हैं, अब इंतजार सर्दी बढऩे का है। हालांकि अरब सागर में उठे चक्रवात के बाद संभाग भर में गुलाबी सर्दी का एहसास बढऩे लगा है।
15 नवम्बर तक पहुंचने की उम्मीद
अभी तक कुरजां सहित करीब 25 प्रजातियों के पक्षी ही पहुंचे है। इसका प्रमुख कारण जलाशयों में पानी की सतह का गर्म होना है। सर्दी बढऩे के साथ 15 नवम्बर तक मारवाड़ के रेगिस्तानी इलाकों में प्रवासी परिन्दों का आगमन धीरे-धीरे बढ़ जाएगा।
संजीव कुमार, पक्षी विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक जेडएसआई जोधपुर
Published on:
03 Nov 2019 05:10 pm
