इससे पहले पुलिस आयुक्त या उनके नामित अधिकारी को केंद्र का दौरा करते हुए सुरक्षा पहलुओं का आंकलन करना होगा। बाद में सुरक्षा के बीच याची को उपचार के लिए केंद्र में भेजा जा सकेगा। केंद्र में याची का इलाज करने के लिए माधवबाग अस्पताल के विशेषज्ञ को भी अनुमति रहेगी। सुरक्षा संसाधनों का खर्च आसाराम या उनके प्रतिनिधि को उठाना होगा। कानून और व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर होने की अप्रत्याशित स्थिति में पुलिस आयुक्त याची को वापस सेंट्रल जेल, जोधपुर भेज सकेंगे, लेकिन ऐसे निर्णय को उचित ठहराने के लिए उनको अपना शपथ पत्र दाखिल करना होगा।