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आसाराम के वकील ने मामले को बताया फर्जी, बहस में इस दलील ने हैरानी में डाला

बहस के दौरान अभियोजन की एक महत्वपूर्ण गवाह किरण झा के बयान और उससे हुई जिरह में विरोधाभासी बयान पढ़े और अविश्वसनीय बताए।

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जोधपुर .
एससी-एसटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मधुसूदन शर्मा की अदालत में चल रहे नाबालिग छात्रा से यौन दुराचार के के आरोपी आसाराम के मामले में बचाव पक्ष की ओर से अंतिम बहस की गई। आसाराम की ओर से अधिवक्ता सज्जनराज सुराणा ने बहस की। समयाभाव के कारण बहस पूरी नहीं हो सकी। शनिवार को इस मामले में फिर सुनवाई होगी। अधिवक्ता सुराणा ने बहस के दौरान अभियोजन की एक महत्वपूर्ण गवाह किरण झा के बयान और उससे हुई जिरह में विरोधाभासी बयान पढ़े और अविश्वसनीय बताए। बचाव पक्ष ने यह कहा कि बयानों के दौरान पीडि़ता ने तथाकथित घटना घटित होने का समय बताया ही नहीं। बचाव पक्ष ने कहा कि घटना के समय का खुलासा नहीं होने से तथाकथित घटना संदिग्ध प्रतीत होती है। बहस के दौरान सरकार की ओर से नियुक्त विशिष्ट लोक अभियोजक पोकरराम विश्नोई और पीडि़ता की ओर से अधिवक्ता प्रमोदकुमार शर्मा उपस्थित थे।

दो घंटे में शुरू हुई लिफ्ट

पेशी के दौरान कोर्ट के अंदर जाने से पहले सीढि़यों पर चढ़ते हुए आसाराम ने लिफ्ट खराब होने पर झल्लाते हुए कहा , पता नहीं यह कब शुरू होगी। इस पर न्यायालय प्रशासन ने दो घंटे में ही लिफ्ट उपयोग के लिए खोल दी। आसाराम पेशी के बाद लिफ्ट से नीचे आया।


आईटी मामले में नहीं हुई सुनवाई

उधर, अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी मदनसिंह के समक्ष चल रहे आसाराम के खिलाफ आईटी एक्ट उल्लंघन के मामले में गवाह नहीं आने के कारण सुनवाई शुरू नहीं हो पाई। आसाराम के अधिवक्ता नीलकमल बोहरा व गोकुलेश बोहरा ने बताया कि मामले में आगे की सुनवाई १ दिसम्बर को होगी।

हिरण शिकार मामला : बचाव पक्ष ने सबूतों के साथ हुई छेड़छाड़ पर की अंतिम बहस

जोधपुर. कांकाणी सरहद पर काले हिरण शिकार मामले में शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हुई। जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर के पीठासीन अधिकारी देवकुमार खत्री के समक्ष बचाव पक्ष की ओर से अधूरी रही अंतिम बहस की गई। फिल्म अभिनेता सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने वन्यजीव विभाग के सरकारी गवाह सागरमल की जिरह के दौरान इस स्वीकारोक्ति पर ध्यान आकर्षित किया, जिसमें उसने कहा था कि मौके से सबूतों की बरामदगी 2 अक्टूबर 1998 को उसके तथा भारमल के सामने की गई, जबकि इससे सम्बन्धित फ र्द में 22 अक्टूबर की तारीख अंकित है। इससे स्पष्ट होता है कि अभियोजन के किसी व्यक्ति द्वारा सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई।


गौरतलब है कि वन्यजीव विभाग ने इस मामले में सलमान को मुख्य अभियुक्त तथा सैफ अली खान , अभिनेत्री तब्बू, सोनाली बेंद्रे तथा नीलम को सहित जोधपुर के कुछ स्थानीय व्यक्तियों को भी अभियुक्त बनाया था। समयाभाव के चलते सुनवाई पूरी नहीं हो पाई, अब बचाव बचाव पक्ष की अंतिम बहस सोमवार को फि र से होगी। बहस के दौरान सरकार की ओर से नियुक्त विशिष्ट लोक अभियोजक भवानीसिंह भाटी, बचाव पक्ष के अन्य अधिवक्ता केके व्यास तथा मनीष सिसोदिया उपस्थित थे।

एएनएम भंवरीेदेवी हत्याकांड मामला : परसराम की जमानत अर्जी पांचवीं बार खारिज

जोधपुर. बहुचर्चित एएनएम भंवरीदेवी के अपहरण व हत्या के मामले के सह आरोपी परसराम विश्नोई की ओर से पेश पांचवीं जमानत अर्जी राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजीवप्रकाश शर्मा ने खारिज कर दी। लम्बी बहस के बाद जमानत पर आदेश सुरक्षित रखा गया था, जिस पर शुक्रवार को आदेश सुनाया गया।

परसराम की ओर से अधिवक्ताओं ने कहा था कि मामले की ट्रायल में देरी हो रही है और 25 जनवरी 2018 को अगली गवाही है, जबकि जुलाई 2017 के बाद इस मामले में एक भी गवाह के बयान दर्ज नहीं किए गए हैं। ऐसे में आरोपी की जमानत स्वीकार कर ली जाए। जस्टिस शर्मा ने आदेश सुनाया कि कोई गवाह 25 जनवरी को गवाही देगा। इसका मतलब अभी ट्रायल चल रहा है। ऐसा नहीं कि ट्रायल नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि इससे पूर्व आरोपी की पांचवीं जमानत अर्जी मुख्य न्यायाधीश को भेजते हुए मामला किसी अन्य पीठ में सुनवाई के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया था।