
सीएम अशोक गहलोत फिर से देने वाले हैं नई सौगात, न्यू हाईकोर्ट के पास देंगे लोअर कोर्ट के लिए जमीन
जोधपुर. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ प्रधान न्यायाधीश सहित करीब 50 न्यायाधीश राजस्थान हाईकोर्ट के उद्घाटन समारोह में शिरकत कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने उद्बोधन में जोधपुर को एक और सौगात देने की ओर इशारा किया है। यहां मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां राष्ट्रपति सहित कोर्ट की सभी महत्वपूर्ण लोग मौजूद हैं। ऐसे में यदि अनुमति मिले तो हाईकोर्ट नए भवन के पास लोअर कोर्ट के लिए भी सरकार की ओर से जमीन दी जा सकती है।
गहलोत ने उद्बोधन के शुरुआत में कहा कि वह भी वकील रह चुके हैं और न्याय प्रक्रिया को समझते हैं। हाईकोर्ट का यह भवन उनके लिए एक सपना था। पहले इसके लिए वित्तीय सहायता नहीं मिल पाई थी लेकिन दूसरी बार सीएम बनने पर 110 करोड़ रुपए की राशि सेंक्शन की थी। इसके निर्माण से जोधपुर का गौरव और बढ़ गया है। इस अवसर पर उन्होंने हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि यहां 29 जजों के पोस्ट खाली हैं। साथ ही कहा कि इनकी नियुक्ति करने वाले भी यहां मौजूद हैं। वहीं कलोजियम विवाद पर अपनी राय रखी। उन्होंने वकीलों की हड़ताल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दिल्ली और जयपुर के मुकाबले जोधपुर में हड़ताल कम होती हैं लेकिन इसे भी नहीं करना चाहिए।
चुनावों की ब्लैक मनी पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने सीजेआई से निवेदन करते हुए कहा कि चीफ जस्टिस संज्ञान लेते हुए तमाम पार्टियों को मिलने वाला फंड भ्रष्टाचार को खत्म करें, ताकि इन फंड से सरकारें नहीं बदले। उन्होंने कहा कि इन फंड से ही सरकारें बदली जाती हैं। साथ ही कहा कि तमाम बड़ी पार्टियां जो चंदे लेती हैं वो ब्लैकमनी, उससे शरुआत होती है। उन्होंने कहा कि पूरी चुनावी प्रक्रिया ब्लैकमनी से संचालित होने लगी है। सीजेआई इस विषय पर ध्यान दें तो इसपर रोक लगाई जा सकती है।
कानून मंत्री ने यह कहा
वहीं समारोह में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जिन परिवारों से अब तक कोई जज नहीं बना है, कोलेजियम को ऐसे अधिवक्ताओं के बारे में भी विचार करना चाहिए। राज्यपाल राजस्थान कलराज मिश्र ने कहा कि नये भवन में पीड़ितों को न्याय मिलेगा, ऐसी विद्वान अधिवक्ताओं से आशा करता हूँ।
Published on:
07 Dec 2019 01:11 pm
