पड़ोसी राज्यों से ज्यादा कर, फिर भी गहलोत सरकार ने थोप दिया नया कृषि कल्याण कर

प्रदेश में कृषि जिंसों की खरीद-फरोख्त पर दो प्रतिशत किसान कल्याण कर की घोषणा के बाद उभर रहा विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजस्थान के पड़ोसी राज्यों में मंडी शुल्क तुलनात्मक रूप से राजस्थान से ज्यादा है, वहीं अब नया कृषि कल्याण कर थोप देने से व्यापारी व किसान विरोध कर रहे हैं।

By: Harshwardhan bhati

Updated: 10 May 2020, 11:50 AM IST

अमित दवे/जोधपुर. प्रदेश में कृषि जिंसों की खरीद-फरोख्त पर दो प्रतिशत किसान कल्याण कर की घोषणा के बाद उभर रहा विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजस्थान के पड़ोसी राज्यों में मंडी शुल्क तुलनात्मक रूप से राजस्थान से ज्यादा है, वहीं अब नया कृषि कल्याण कर थोप देने से व्यापारी व किसान विरोध कर रहे हैं। इसके लिए व्यापारी प्रदेश के प्रमुख शासन सचिव (कृषि) व कृषि विपणन मंत्रालय के अधिकारियों को जिम्मदार बता रहे हंै। व्यापारियों का कहना है कि उच्चाधिकारी मुख्यमंत्री को राज्य में मंडी टेक्स की दरें अन्य राज्यों से कम बताकर भ्रमित कर रहे हैं। कृषि विपणन मंत्रालय के अधिकारी मुख्यमंत्री को सही वस्तु स्थिति से अवगत नहीं करा रहे हैं।

पड़ोसी राज्यों में लगने वाले मंडी टेक्स की तथ्यात्मक सूची
राजस्थान -- हरियाणा -- गुजरात -- मध्यप्रदेश -- उत्तर प्रदेश
जिंस- मंडी शु/किसान कर - मंडी शु/किसान कर- मंडी शु/किसान कर - मंडी शुल्क/ सेस- मंडी शुल्क/सेस
ज्वार-बाजरा- 0.50 प्रति/2 प्रति-- 01 प्रति/00-- 0.50 प्रति/00-- 1.50 प्रति/0.2 प्रति-- 2 प्रति/0.50 प्रति
जीरा-इसबगोल-0.50 प्रति/2 प्रति-- 00/00-- 0.50 प्रति/00-- 1.50 प्रति/0.2 प्रति--1 प्रति/0.50प्रति
मूंग-मोठ, दलहन- 1.60 प्रति/2 प्रति-- 1प्रति/00-- 0.50 प्रति/00-- 1.50 प्रति/0.2 प्रति-- 2प्रति/0.50 प्रति
तिल रायडा तिलहन--1 प्रति/2प्रति-- 1 प्रति/00-- 0.50 प्रति/00-- 1.50प्रति/0.2 प्रति-- 2 प्रति/ 0.50 प्रति
मिर्ची धनिया--- 1.60प्रति/2 प्रति-- 00/00-- 0.50प्रति/00--- 1.50प्रति/00-- 0.50प्रति/00
घी-शक्कर--- 1.60प्रति/2 प्रति-- 1 प्रति/00-- 00/00-- 00/00-- 00/00

नोट
-मंडी शु को मंडी शुल्क पढ़ा जाए।
-प्रति को प्रतिशत पढ़ा जाए।
-दिल्ली में उपरोक्त जिंसों में किसी पर मंडी शुल्क या सेस नहीं लग रहा है।
-पंजाब व हरियाणा में गेहू पर मंडी टेक्स व सेस की दर ज्यादा है। राजस्थान से दर अधिक होने के कारण वहां भारतीय खाद्य निगम से गेहूं तुलवाया जाना है।

इनका कहना है
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर व्यापारी, किसान व आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान रखकर यह नया कर वापस लेने की मांग की है।
-पुरुषोत्तम मूंदड़ा, अध्यक्ष, जोधपुर जीरा मंडी व्यापार संघ

Harshwardhan bhati Desk
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