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थानाधिकारी के बाद एएसआइ भी फरार, कांस्टेबल रिमाण्ड पर

- फार्मा व्यवसायी से दस लाख रुपए रिश्वत लेने का मामला- 16 लाख दो हजार रुपए के बारे में कांस्टेबल से जांच करेगी एसीबी
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थानाधिकारी के बाद एएसआइ भी फरार, कांस्टेबल रिमाण्ड पर

थानाधिकारी के बाद एएसआइ भी फरार, कांस्टेबल रिमाण्ड पर

जोधपुर.

नशीली दवाइयों के मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाने के बाद मदद के नाम पर कानपुर के फार्मा व्यवसायी से जयपुर की होटल के कमरे में दस लाख रुपए लेने के आरोपी कांस्टेबल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बुधवार को एक दिन का रिमाण्ड लिया। उधर, रिश्वत में आरोपी श्रीगंगानगर में जवाहर नगर थानाधिकारी व निरीक्षक राजेश कुमार सिहाग के बाद एएसआइ सोहनलाल भी फरार हो गया।
ब्यूरो के उप महानिरीक्षक डॉ विष्णुकांत ने बताया कि प्रकरण में दस लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार होने वाले श्रीगंगानगर जिले में जवाहर नगर थाने के कांस्टेबल करौली निवासी नरेशचन्द मीणा को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र चौधरी ने जोधपुर की एसीबी मामलात की अदालत में पेश कर दस दिन का रिमाण्ड मांगा। कोर्ट ने कांस्टेबल नरेश को एक दिन के रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए।

अब उससे रिश्वत के दस लाख रुपए लेने से पहले कानपुर व दिल्ली में वसूले गए 16 लाख दो हजार रुपए के बारे में जांच की जा रही है।

जयपुर के बाद जोधपुर की कोर्ट में पेश
एसीबी ने आरोपी कांस्टेबल नरेशचन्द को मंगलवार शाम जयपुर की अदालत में पेश किया था, लेकिन चूंकि ट्रैप एसीबी जोधपुर ने की थी और एफआइआर जोधपुर की ओर से दर्ज हुई, इसलिए आरोपी को जोधपुर कोर्ट भेज दिया गया। ब्यूरो उसे लेकर बुधवार को जोधपुर पहुंची और एसीबी मामलात की कोर्ट में पेश किया, जहां सिर्फ एक दिन रिमाण्ड मिला। यह रिमाण्ड अवधि समाप्त होने पर कांस्टेबल नरेश को गुरुवार को फिर से जयपुर की कोर्ट में पेश किया जाएगा।

एफआइआर क्वैश कराने आए थे, पहुंचे एसीबी के पास
फार्मा कारोबारी का नशीली दवाओं के मामले में भूमिका न होने के बावजूद जवाहर नगर थाना पुलिस गिरफ्तारी का डर दिखा रही थी। १८ सितम्बर को एएसआइ सोहनलाल व कांस्टेबल ने कानपुर में 15 लाख रुपए वसूले थे। 25 सितंबर को कांस्टेबल फिर कानपुर पहुंचकर 25 लाख रुपए मांगकर एक लाख रुपए और ले आया था। मामला चूंकि श्रीगंगानगर का है इसलिए हाईकोर्ट से एफआइआर क्वैश कराने के लिए व्यवसायी हरदीपसिंह जोधपुर आए थे, जहां से फिर वो ब्यूरो के पास पहुंचे थे और रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।