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22 साल से जंजीरों में जकड़ा हैं बाबूलाल का जीवन

बीपीएल चयनित होने के बावजूद नहीं मिल रही सरकारी सहायता
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22 साल से जंजीरों में जकड़ा हैं बाबूलाल का जीवन

22 साल से जंजीरों में जकड़ा हैं बाबूलाल का जीवन

खारिया मीठापुर (जोधपुर). क्षेत्र के झाक गांव निवासी एक व्यक्ति गत 22 वर्षों से घर मे जंजीरों से जकड़ा हुआ है। बीपीएल चयनित इस गरीब परिवार को सरकार की ओर से कोई लाभ नहीं मिल रहा है। झाक निवासी बाबूलाल पुत्र भीयाराम जाट 22 वर्षे पहले सामान्य हालत में था। समय का चक्र ऐसा घूमा की उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई। ऐसे मे वह गत 22 वर्षों से जंजीरों में जकड़ा हुआ है, और घर की चारदीवारी में कैद है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह पशु की तरह जीवन जीने को मजबूर है। 60 साल का बाबूलाल जाट घर के एक कोने मे कच्चे छप्पर में वर्षों से बैठा है। इस पीडि़त की सुध न तो प्रशासन ले रहा है और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए।

बीपीएल परिवार को नहीं मिल रही सरकारी सुविधा
बीपीएल 2002 में चयनित होने के बावजूद इस परिवार को दो रुपए किलो के गेहू भी नहीं मिल रहे है। साथ ही सरकारी आवास, टांका, शौचालय, पेंशन, निशुल्क उज्जवला योजना में गैस कनेक्शन सहित किसी प्रकार की सरकारी योजना में लाभान्वित नहीं हुआ।