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कोरोना वोरियर्स को पत्थर मारने वाले सद्दाम हुसैन और शहजाद की जमानत खारिज

अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या तीन के न्यायाधीश सिद्धार्थ दीप ने 21 अप्रैल को घासमंडी रोड पर लॉक डाउन की पालना के दौरान कोरोना वोरियर्स कांस्टेबल रामलेख गुर्जर को पत्थर से हमला कर घायल करने वाले आरोपी सद्दाम हुसैन और शहजाद की जमानत याचिकाएं गुरुवार को खारिज कर दी।
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Bail rejected of two men who pelted stones at police in jodhpur

कोरोना वोरियर्स को पत्थर मारने वाले सद्दाम हुसैन और शहजाद की जमानत खारिज

जोधपुर. अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या तीन के न्यायाधीश सिद्धार्थ दीप ने 21 अप्रैल को घासमंडी रोड पर लॉक डाउन की पालना के दौरान कोरोना वोरियर्स कांस्टेबल रामलेख गुर्जर को पत्थर से हमला कर घायल करने वाले आरोपी सद्दाम हुसैन और शहजाद की जमानत याचिकाएं गुरुवार को खारिज कर दी। 21 अप्रैल को सुबह पुलिस के कई जवान शहर के भीतरी इलाके में लॉक डाउन की पालना के लिए गश्त कर रहे थे।

इस दौरान घासमंडी रोड स्थित लोहारों के चौक पर कुछ युवक घर के बाहर बैठे कफ्र्यू का उल्लंघन कर रहे थे। इस पर पुलिस के जवानों ने उन्हें समझाइश कर घर के अंदर जाने के लिए कहा। इस दौरान इस्तिहाक के मकान के बाहर बैठे शख्स को पुलिस ने अंदर जाने के लिए कहा। इसी बीच मकान के अंदर मौजूद उसके एक साथी ने घर के ऊपर छत से नीचे पुलिस जाब्ते को जान से मारने की नियत से एक पत्थर फेंका। यह पत्थर कांस्टेबल रामलेख गुर्जर के सिर पर लगा।

पत्थर लगने से पुलिस कर्मी घायल हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पुलिस जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोहारों का चौक निवासी सद्दाम पुत्र मोहम्मद इस्तिहाक तथा उसके भाई मोहम्मद शहजाद को पकड़ लिया। सदर बाजार पुलिस थाना ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 186,353,आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया।

आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने वाटस अप पर दलीलें देते हुए पुलिस कर्मियों पर ही आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों को झूठा फंसाया गया है। सरकार की ओर से नियुक्त लोक अभियोजक केशरसिंह नरूका ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने तथा ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल को घायल करने जैसे गंभीर आरोप है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों भाइयों की जमानत याचिका खारिज कर केंद्रीय कारागार भेज दिया।