
जोधपुर में बनेगा बाजरा का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
जोधपुर।
बाजरा की सर्वाधिक उत्पादकता को देखते हुए जोधपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा। कृषि विश्वविद्यालय में प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बाजरा के विभिन्न उत्पादों से मूल्य संवर्धन के लिए छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, बाजरा उत्पादों के माध्यम से नए उद्यमियों को जोड़ा जाएगा। उल्लेखनीय है कि निवर्तमान केन्द्र सरकार ने देश में खाद्य व पोषण संबंधी सुरक्षा में योगदान देने की बहुत अधिक क्षमता को देखते हुए करीब एक वर्ष पूर्व बाजरा को राष्ट्रीय अनाज घोषित किया है। सरकार नेपोषण संबंधी जरूरत को बेहतर करने के लिए बाजरा को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में शामिल करने की घोषणा भी की।
सीड हब भी बनेंगे
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अलावा राजस्थान में बाजरा के दो सीड हब एक जोधपुर व दूसरा सुमेरपुर में बनना प्रस्तावित है। सीड हब में बाजरा की विभिन्न किस्मों, उनकी गुणवत्ता सुधार, उन्नत बीज उत्पादन व वितरण का काम होगा। जोधपुर में सीड हब मण्डोर स्थित कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे अखिल भारतीय समन्वित बाजरा अनुसंधान परियोजना केन्द्र के अधीन संचालित होगा। पूरे देश में बाजरे का करीब 70-90 लाख हैक्टेयर क्षेत्र है। इनमें सर्वाधिक बाजरा राजस्थान में करीब 50 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में होता है।
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विभिन्न बीमारियों में कारगर
हाल ही में हुए विभिन्न अनुसंधानों में बाजरा में पोषण संबंधी विशेषताएं अन्य अनाजों की तुलना में अधिक पाइ गई। अनुसंधानों के निष्कर्षो के अनुसार, बाजरा में पोस्ट प्रेंडियल ब्लड ग्लूकोज लेवल व ग्लाइकेसिलेटेड हेमोग्लोबिन कम पाया जाता है। जो भारत में तेजी से बढ़ती जा रही मधुमेह बीमारी के निदान में मुख्य भूमिका निभाएगा। इसके अलावा, बाजरा ब्लड प्रेशर आदि बीमारियों के निदान में भी कारगर सिद्ध होगा।
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नई संकर किस्मों में पोषक तत्व ज्यादा
हाल ही में घोषित बाजरा की नई संकर किस्मों में आयरन व जिंक तत्वों की अधिकता पाई गई। जो कुपोषण को समाप्त करने में कारगर होगा।
डॉ. सी तारा सत्यवती प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर
अखिल भारतीय समन्वित बाजरा अनुसंधान परियोजना, जोधपुर
Published on:
27 May 2019 04:24 pm
