10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

असली उड़ान बाकी है…अभी तो नापी है बस मुटठी भर जमीन, सारा आसमान बाकी है

- बड़ों से कम नहीं है सनसिटी के बच्चे, काबिलियत के बूते बना रहे अलग पहचान -बाल दिवस विशेष-
3 min read
Google source verification
असली उड़ान बाकी है...अभी तो नापी है बस मुटठी  भर जमीन, सारा आसमान बाकी है

असली उड़ान बाकी है...अभी तो नापी है बस मुटठी भर जमीन, सारा आसमान बाकी है

जोधपुर. जीवन में असली उड़ान अभी बाकी है...हमारे इरादों का इम्तिहान अभी बाकी है...अभी तो नापी है बस मु_ी भर जमीन...अभी तो सारा आसमां बाकी है...। किसी शायर की ये पंक्तियां सनसिटी के होनहार किड्स साकार कर रहे हैं। यहां के बच्चे न केवल सिटी से लेकर नेशनल लेवल तक बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी धाक जमाने में कामयाब रहे हैं। काबिलियत में बड़ों से कम नहीं हैं यहां के किड्स। शहर में कई एेसे बच्चे हैं जो अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन बड़े-बड़े मंचों पर कर वाह-वाही लूट चुके हैं। किसी ने खेल तो किसी ने नृत्य में सफलता के झंडे गाड़े हैं काबिलियत के धनी एेसे ही नन्हें मुन्नों की बानगी।
इंडियन कल्चर को कर रही प्रमोट

खेलने कूदने की उम्र में शहर की कई बालिकाएं भरतनाट्यम जैसे जटिल नृत्य को सीख रही हैं। एक स्कूल में भरतनाट्यम की प्रैक्टिस कर रही बालिकाओं से जब कॅरियर के बारे में पूछा तो अधिकांश ने कहा कि उन्हें नृत्य में ही कॅरियर बनाना है। देश में वेस्टर्न कल्चर हावी होता जा रहा है। ऐसे में इनकी इच्छा शास्त्रीय नृत्य को जीवंत रखने की है।
वन्यजीवों की कर रही सहायता

राह चलते या सफर में कहीं भी घायल वन्यजीव मिलने पर तुरंत मदद को तैयार हो जाती है लक्ष्मीसिंह राठौड़। अब तक सैकड़ों वन्यजीवों को सुरक्षित रेस्क्यू सेंटर पहुंचा चुकी है। वहीं पाइथन, रॉयल ब्लैक हैडेड, कोबरा, सैंड बोआ सहित दर्जन भर स्नैक को भी पकड़ सुरक्षित स्थान पर छोड़ चुकी है। लक्ष्मी का सपना भविष्य में एनिमल डॉक्टर बनकर वन्यजीवों के लिए रेस्क्यू सेंटर खोलना है।
राष्ट्रीय स्वीमिंग प्रतियोगिता में लेंगी हिस्सा

बचपन से ही स्विमिंग में कॅरियर बनाने की चाह रखने वाली १४ वर्षीय योग्या सिंह ने पिता कुलदीपसिंह खींची से स्वीमिंग सीखी। हाल ही में राजस्थान में हुई स्वीमिंग प्रतियोगिता में ५ स्वर्ण सहित कुल १४ पदक विभिन्न वर्ग में प्राप्त कर राजस्थान दल में दूसरा स्थान प्राप्त किया।

स्केटिंग में बिखेर रहे जलवा
स्केटिंग में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर तालियां बटोर रहे हैं लव सांखला। लव अब तक पांच बार जिला स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं। गोल्ड मेडल प्राप्त कर अपने इरादे जाहिर कर चुके हैं। हाल ही में हुई राज्य स्तर की प्रतियोगिता में भी इसी प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए पांचवी बार गोल्ड मेडल प्राप्त किया।

छह वर्ष की उम्र से कराटे
जब विदुषी कसनिया छह वर्ष की थी, तभी से कराटे में पारंगत है। लगातार तीन वर्ष तक स्कूल गेम में गोल्ड मेडल विजेता रही। मलेशिया में इंटरनेशनल कॉम्पीटिशन में तीसरे स्थान पर रही। कराटे ब्लेक बेल्ट में प्रदेश की पहली छात्रा, जो इंटरनेशनल खिलाड़ी है।

मुक्केबाजी में चैंपियन

शहर की कामाक्षी आचार्य मुक्केबाजी में पिछले पांच वर्षों से अपने वजन वर्ग में चैंपियन है। इसी के बूते ४ बार नेशनल लेवल पर खेल चुकी है। इसके अलावा सीबीएसई वेस्ट जोन की 2019 की यह स्वर्ण पदक विजेता महेंद्रगढ़ में आयोजित सीबीएसई नेशनल में भाग लेंगी।
वुशु में स्वर्ण पर निशाना

कक्षा आठ में पढऩे वाली दीपशिक्षा पोटलिया वुशु में पिछले ३ वर्षों से राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीत रही है। हाल ही में हुए ६5वें अखिल भारतीय वुशु स्कूली नेशनल में कांस्य पदक जीतकर शहर का नाम रोशन किया।
कास्यं पदक जीता

कक्षा ९ में पढऩे वाली शिप्रा राठौड़ पिछले 4 साल से मुक्केबाजी व वुशु में लगातार स्वर्ण पदक जीत रही है। इसके चलते सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब भी दिया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय वुशु प्रतियोगिता में कांस्य पदक। स्वर्ण पदक हासिल किया
कक्षा दस में पढऩे वाली मंजू चौधरी का पूरा परिवार खेलों को समर्पित है। हाल ही में हुए

65वें राष्ट्रीय स्कूली वुशु प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक मिला है।

जिमनास्टिक में दिखा रही दम
आठवीं कक्षा की छात्रा दिशा मित्तल जिम्नास्टिक में दम दिखा रही है। राष्ट्रीय स्तर जिमनास्टिक प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए चौथे स्थान पर रही।

--