
पांच साल बाद बनाड़ थाना को जमीन आंवटित हुई, लेकिन अब भी खत्म नहीं हुआ इंतजार
अब हुआ जमीन का आवंटन
पुलिस मुख्यालय से भवन की स्वीकृति मिलने का इंतजार
जोधपुर/मंडोर. जोधपुर आयुक्तालय के पूर्व जिले का बनाड़ थाना। यह जोधपुर शहर से जयपुर जाने वाले हाईवे का प्रमुख थाना है। थाने में संसाधनों की भी कोई कमीं नहीं है तो ठीक-ठाक नफरी भी है। इसके बाद भी यह भवन थाना किराये के भवन में चल रहा है। भवन में करीब पांच साल से थाना चल रहा है। पांच साल तक चली फाइलों के बाद थाने के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया तो पूरी हो गई, लेकिन अभी भी इस जमीन का कब्जा लेने और भवन के लिए मुख्यालय से बजट आने का इंतजार है।जानकारी के मुताबिक जोधपुर में पुलिस कमिश्नरेट बनने के साथ ही बनाड़ में थाना बनाने का प्रस्ताव बना था। पुलिस मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद 6 फरवरी 2013 को थाना शुरू भी हो गया। उस वक्त थाना किराये के भवन में शुरू किया गया था। इसके बाद से यह थाना उसी भवन में चल रहा है। पांच साल तक फाइलें चलीं, तब तो थाने के लिए जमीन आवंटन की प्रकिया पूरी हुई है। वह भी अभी केवल कागजों में आवंटित हुई है और कब्जा लेना बाकी है। थाने के भवन के लिए बजट मांगा गया है। पुलिस मुख्यालय नए भवन की स्वीकृति जारी करेगा, तभी इसका काम शुरू हो पाएगा।
पांच बीघा जमीन का हुआ आवंटन
बनाड़ थाने के लिए जमीन का आवंटन हो चुका है। अभी जिस जगह थाना चल रहा है उससे कुछ ही दूरी पर जोजरी नदी के पास थाने के लिए जमीन आवंटित की गई है। यहां पांच बीघा जमीन थाने को दी गई है, जो मुख्य सड़क पर ही स्थित है। यह जमीन आवंटित करने की प्रकिया हो चुकी है, लेकिन नपती होकर पुलिस को कब्जा नहीं मिला है। नपती की फाइल भी अभी जेडीए व शहर के पटवारी के बीच घूम रही है। कब्जा मिलने के बाद ही पुलिस इस पर काम शुरू करवा पाएगी।
अब 250 मुकदमे दर्ज होते हैं हर साल
बनाड़ थाना जोधपुर के प्रमुख थानों में शामिल हो गया है। मुख्य हाईवे व शहर के बाहरी इलाके में स्थित होनें के कारण इस इलाके में अपराध भी ज्यादा होते हैं। थाने में हर साल करीब ढाई सौ मुकदमे दर्ज होते हैं। इनमें कई तरह के गंभीर आपराधिक मामले भी शामिल हैं। हाईवे की वजह से सड़क हादसे भी ज्यादा होते हैं। --
34 गांव व शहर की कई कॉलोनियां शामिल
बनाड़ थाने का इलाका भी बहुत बड़ा है। थाना क्षेत्र में आसपास के 34 गांवों का इलाका शामिल है। इसके अलावा शहर के बाहरी क्षेत्र की कई कॉलोनियां भी इस थाने के अधीन आती हैं। जयपुर जाने वाले हाईवे पर भी थाने का लंबा इलाका है। हाईवे पर देवलिया गांव से इस थाने का इलाका शुरू होता है और डिगाड़ी तक है।
40 लोगों की नफरी
बनाड़ थाने में इस वक्त 40 लोगों की नफरी है। यहां एक पुलिस इंसपेक्टर, तीन सब इंसपेक्टर, दो एएसआई, नौ हैड कांस्टेबल व 25 कांस्टेबल का जाब्ता तैनात है। थाने में आवास नहीं होने के कारण पुलिसकर्मियों के लिए समस्या बनी रहती है।
इनका कहना है
अभी तक थाने के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया चल रही थी। अब जोजरी नदी के पास ही जमीन आवंटित हो चुकी है। भवन के बजट के लिए मुख्यालय से स्वीकृति मांगी गई है। जमीन का कब्जा लेने की कार्रवाई जल्द पूरी कर ली जाएगी।
जोगेंद्रसिंह, थानाधिकारी बनाड़
Published on:
14 May 2018 11:21 am
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