
जस्ट डायल को नोटिस देगी बार कौंसिल
जोधपुर। बार कौंसिल ऑफ राजस्थान की साधारण सभा की बैठक रविवार को बार कौंसिल जोधपुर के सभागार में सैयद शाहीद हसन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें राजस्थान विधानसभा द्वारा पारित राजस्थान अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक, 2020 पर विस्तारपूर्वक विचार विमर्श किया गया।
सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि बार कौंसिल के सभी सदस्य मुख्यमंत्री से मिलेंगे तथा उनसे यह अनुरोध करेंगे कि वे इस विधेयक को बार कौंसिल ऑफ राजस्थान को पुन: लौटाने के लिए राज्यपाल से निवेदन करें। साधारण सभा ने कौंसिल अध्यक्ष को पांच सदस्यीय एक समिति का गठन करने के लिए अधिकृत किया, जो राजस्थान अधिवक्ता कल्याण कोष अधिनियम में संशोधनों के संबंध में अपनी रिपोर्ट आगामी साधारण सभा की बैठक में प्रस्तुत करेगी, ताकि सदन विचार विमर्श के बाद आवश्यक संशोधन के लिए उसे दुबारा राज्य सरकार को लौटा सके। समिति को किसी वित्तीय विशेषज्ञ को शामिल करने का अधिकार दिया गया है। सभा ने बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के आगामी बजट 2020-2021 को मंजूरी प्रदान की तथा कौंसिल सहित अधिवक्ता कल्याण कोष की अंकेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2019-2020 को भी अनुमोदित किया। साधारण सभा ने जस्ट डायल लिमिटेड को एक नोटिस देने का निर्णय किया, ताकि वह अधिवक्ताओं से पैसे लेकर उनकी रेटिंग देना बंद करे तथा अधिवक्ता किस विशेषज्ञ मामलों में संबंध रखता है, उसकी जानकारी साझा नहीं करे। ऐसा नहीं करने पर कंपनी के खिलाफ फौजदारी मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।
साधारण सभा ने बार कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा एलएलबी के तीन एवं पांच वर्षीय पाठयक्रम में प्रवेश के लिए निर्धारित ऊपरी आयु सीमा का विरोध किया है। सांसद रविन्द्र कुमार जैन द्वारा लाए गए प्राइवेट मेंबर बिल को लेकर भी कौंसिल ने विरोध प्रकट किया है। बार कौंसिल के सदस्यों के चुनावों एवं मतगणना से संबंधित आनलाइन प्रक्रिया के लिए सुझाव देने के लिए तीन सदस्यों की समिति की गठित की जाएगी, जिसके लिए अध्यक्ष को अधिकृत किया गया। सभा ने बार कौंसिल ऑफ इंडिया सर्टिफाइड एंड प्लेस आफ प्रैक्टिस रूल्स के तहत आवेदनों की तिथि बिना विलंब शुल्क 31 मार्च, 2021 तक किए जाने का निर्णय लिया गया।
Published on:
03 Jan 2021 07:45 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
