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बेखौफ हमलावरों ने बीकानेर-अहमदाबाद स्लीपर बस के परिचालक को पीटा, साढ़े दस हजार लूटे

-धमकाया... जेल में बंद मुख्य आरोपी से राजीनामा नहीं किया तो फिर करेंगे हमला- पुलिस की गाडि़यां आती देख भागे हमलावर
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जोधपुर.
बीकानेर से अहमदाबाद के बीच संचालित स्लीपर बस पर फायरिंग और तोड़-फोड़ के मुख्य आरोपी और सहयोगियों के जेल पहुंचने के दो माह बाद शनिवार मध्यरात्रि बाद आधा दर्जन बदमाशों ने रातानाडा गणेश मंदिर के पास बस सवारियों से भरी रुकवाई और परिचालक के साथ मारपीट कर कथित तौर पर साढ़े दस हजार रुपए लूट लिए। कुछ यात्रियों से मारपीट भी की गई।


जानकारी के अनुसार बीकानेर से अहमदाबाद जाने वाली स्लीपर बस में शनिवार रात करीब बारह बजे पावटा से दो युवक अहमदाबाद जाने के लिए सवार हुए। उन्होंने कहा कि गणेश मंदिर मोड़ से एक और साथी सवार होगा। बस गणेश मंदिर मोड़ पहुंची तो वहां खड़े चार-पांच युवकों ने बस रुकवाई। इनमें से तीन-चार युवक बस में घुसे और देशनोक (बीकानेर) के पास बरसींगसर निवासी परिचालक गजानंद सिहाग को बाहर लाकर मारपीट की। एक युवक तलवार से धमकाने लगा। परिचालक का आरोप है कि युवकों ने डीजल के लिए रखे साढ़े दस हजार रुपए भी लूट लिए। इस बीच एक यात्री ने पुलिस कन्ट्रोल रूम में सूचना दी और पुलिस की दो गाडि़यां आती नजर आई तो आरोपी भाग निकले। परिचालक का कहना है कि शनिवार सुबह एक व्यक्ति ने फोन करके बस पर हमले की चेतावनी दी थी।
पुलिस को सूचना देकर चालक व परिचालक बस लेकर अहमदाबाद निकल गए। उन्होंने वहां से रविवार को एक लिखित शिकायत रातानाडा थानाधिकारी के नाम भेजी है। हालांकि थानाधिकारी भूपेन्द्रसिंह ने एेसी कोई शिकायत मिलने से इनकार किया है।


धमकी : जेल में बंद साथी से समझौता करे-
अधिवक्ता अंकित का कहना है कि हमलावरों में से एक युवक ने धमकी दी कि बस में तोड़-फोड़ व फायरिंग के मामले में जेल में बंद साथी से समझौता नहीं किया तो बस पर और हमले किए जाएंगे।


जेल में बंद है मुख्य आरोपी-

बीकानेर-अहमदाबाद संचालित बस में सीट न देने को लेकर उपजी रंजिश में गत दो दिसम्बर से बीस जनवरी के बीच बस पर चार बार हमले किए गए। हमलावरों ने एक बार गोली भी चलाई थी। इस मामले में उदयमंदिर व शास्त्रीनगर थाने में तीन मामले दर्ज कराए गए थे। पुलिस ने 22 जनवरी को मुख्य आरोपी प्रेमसिंह भेड़ व अन्य को पकड़ा था। कुछ आरोपियों की जमानत हो गई, मुख्य आरोपी जेल में बंद है।