
मेहरानगढ़ बनने से पहले ही मौजूद था किले में झरनेश्वर
जोधपुर. जोधपुर के मेहरानगढ़ की तलहटी में जयपोल से फतेहपोल जाने वाले मार्ग पर चोखेलाव महल के सामने मैदान की पहाड़ी पर स्थित 561 साल से भी ज्यादा प्राचीन शिवालय है जिसमें चार शिवलिंग स्थापित है। झरनेश्वर महादेव मंदिर के सभी शिवलिंग पर वर्ष पर्यन्त पहाडिय़ों की सिराओं से रिस कर आने वाले जल से स्वत: ही अभिषेक होता रहता है। मंदिर में चार शिवलिंग किसने और कब कब स्थापित किए यह अज्ञात है। जोधपुर के संस्थापक राव जोधा ने जब 1459 में 12 मई को पचेटिया भाखर पर मेहरानगढ का निर्माण प्रारंभ करवाया तब पचेटिया पहाड़ी पर तपस्वी योगी संत चिडिय़ानाथ एक छोटी गुफा में तपस्या करते थे। संत चिडिय़ानाथ की तपोस्थली पर किले के निर्माण के बाद राव जोधा ने वहीं पर एक छोटा मंदिर बनवाया जिसे झरनेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। कालान्तर में राव मालदेव ने शिवालय को मेहरानगढ़ के परकोटे में शामिल कर लिया। मंदिर के ठीक ऊपर पहाड़ी पर देवी चामुण्डा का मंदिर बना है। श्रावण मास के हर सोमवार को विशेष पूजन होता है। मंदिर का प्रबंधन मेहरानगढ़ संग्रहालय न्यास की ओर से किया जाता है।
Updated on:
31 Jul 2020 12:03 am
Published on:
31 Jul 2020 12:03 am
