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जोधपुर के जिस गांव के बदमाश चला रहे गोलियां, वहीं के रक्षक पर भी है मान

गांव से जुड़े बदमाश एक साल से फायरिंग कर पैदा किए हुए हैं खौफ  

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विकास चौधरी/जोधपुर. जिले की ओसियां तहसील का भीमसागर गांव। यहां से जुड़े छह बदमाशों ने पिछले एक साल से जोधपुर पुलिस की नींद उड़ा रखी है। लॉरेंस विश्नोई गैंग को पकडऩे वाली जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट इन बदमाशों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। इन बदमाशों की वजह से एक तरफ जहां गांव की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है, वहीं दूसरी तरफ गांव से निकलने वाले पुलिस के चार अधिकारी जनता के लिए रक्षक भी बने हुए हैं। हालांकि बदमाशों की हरकतों की वजह से इन अधिकारियों को उच्चाधिकारियों के समक्ष अनेक बार नजरें भी झुकानी पड़ती है।


हत्या से लेकर दहशत व जानलेवा हमला तक

4 मार्च 2017 से गत 8 मार्च 2018 तक एक साल में रंगदारी और अवैध वसूली के लिए शहर के व्यापारियों के घरों पर फायरिंग की सात व ट्रैवल्स ऑफिस में फायरिंग के प्रयास की एक वारदात हो चुकी है। इनके पीछे लॉरेंस विश्नोई के साथ-साथ जिले के हार्डकोर बदमाश कैलाश मांजू की भूमिका है। सरदारपुरा सी रोड पर 17 सितम्बर को मोबाइल व्यवसायी वासुदेव इसरानी की हत्या तक दी गई थी। इन वारदातों में शामिल आधा दर्जन से अधिक शूटर भीमसागर गांव के हैं अथवा गांव से जुड़े हुए हैं।


भीमसागर गांव से जुड़े बदमाश

भोमाराम विश्नोई : भीमसागर गांव का रहने वाला है। उस पर वासुदेव इसरानी पर गोली चलाकर हत्या का आरोप है। वह जोधपुर जेल में बंद है।


कैलाश मांजू : भाटेलाई पुरोहितान गांव निवासी कैलाश मांजू जिले का हार्डकोर है। वह दो साल से फरार है। भीमसागर में उसका ननिहाल है। उस पर ट्रैवल्स मालिक व चिकित्सक के मकान पर फायरिंग के साथ ही 13 जुलाई को दिनेश बम्बानी व 8 मार्च को बम्बानी के घर पर फायरिंग की साजिश में शामिल होने का आरोप है।

राकेश मांजू : भाटेलाई पुरोहितान गांव निवासी राकेश मांजू व कैलाश मांजू चचेरे भाई है। उसका ससुराल भीमसागर गांव में है। उस पर 13 जुलाई को शास्त्रीनगर स्थित मॉल के बाहर हिस्ट्रीशीटर दिनेश बम्बानी पर गोली चलाने और गत 8 मार्च को दिनेश बम्बानी के मकान पर गोली चलवाने का आरोप है, जो जेल में बंद है।


रामनिवास विश्नोई : भीमसागर गांव का रहने वाला है और 13 जुलाई को दिनेश बम्बानी पर फायरिंग के दौरान बाइक चलाने का आरोप है। वह जमानत पर रिहा है।

सुनील विश्नोई : भीमसागर गांव का रहने वाला है और न्यायिक अभिरक्षा में बंद राकेश मांजू का दूर का brother in law है। वह और कैलाश विश्नोई गत 8 मार्च को दिनेश बम्बानी के मकान पर फायरिंग में आरोपी हैं। दोनों अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं।
ओमप्रकाश विश्नोई : भीमसागर का रहने वाले ओमप्रकाश ने गत 13 जुलाई को दिनेश बम्बानी पर फायरिंग में प्रयुक्त हथियार राकेश मांजू तक पहुंचाए थे। वह भी जमानत पर छूट चुका है।

चार थानों में तैनात हैं गांव के अफसर


एक तरफ जहां गांव से जुड़े बदमाश शहरवासियों में खौफ पैदा किए हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ गांव से जुड़े पुलिस के चार अफसर जनता के रक्षक भी बने हुए हैं। भीमसागर गांव का उप निरीक्षक पुलिस लाइन में पदस्थापित है। वहीं गांव से तीन किमी दूर रहने वाला एक अन्य उप निरीक्षक शास्त्रीनगर थाने में है। जबकि एक एएसआई देवनगर और दूसरा एएसआई बासनी थाने में बागडोर संभाले हुए हैं। देव नगर थाने के एक एएसआई फायरिंग करने वालों को पकडऩे की विशेष टीम का हिस्सा भी है।


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