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जोधपुर में भोगिशैल परिक्रमा में शामिल होंगे एक लाख श्रद्धालु

55 से अधिक संगठन बनेंगे यात्रा में सहयोगी

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जोधपुर में भोगिशैल परिक्रमा में शामिल होंगे एक लाख श्रद्धालु

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जोधपुर में भोगिशैल परिक्रमा में शामिल होंगे एक लाख श्रद्धालु
55 से अधिक संगठन बनेंगे यात्रा में सहयोगी

जोधपुर. भारतीय कलैण्डर के अनुसार प्रत्येक तीसरे वर्ष पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के उपलक्ष में जोधपुर में शुरू हो रहे सात दिवसीय आस्था के अनुष्ठान भोगिशैल परिक्रमा इस बार 24 मई से 30 मई तक आयोजित की जाएगी । अयोध्या की 24 कोसी और ब्रज की गोवद्र्धन परिक्रमा की तरह पूरे एक सप्ताह तक आयोजित आस्था के सफर में जोधपुर शहर सहित मारवाड़ अंचल से करीब एक लाख श्रद्धालु भाग शामिल होने की संभावना है। हिन्दू सेवा मंडल के बैनर तले आयोजित आस्था के सफर के दौरान श्रद्धालु जोधपुर शहर के चारों तरफ भोगिशैल पहाडिय़ों की 105 किमी की पद यात्रा करते हुए प्राचीन धार्मिक स्थलो में सत्संग तथा प्राचीन जलकुण्डों में स्नान कर आध्यात्मिक पुण्य लाभ अर्जित करते है। हिन्दू सेवा मण्डल जोधपुर के सचिव विष्णुचन्द्र प्रजापत के अनुसार आस्था के सफर की शुरुआत 24 मई को दोपहर 3 बजे हिन्दू सेवा मण्डल कार्यालय घण्टाघर में ध्वज पूजन से की जाएगी। विनायकिया में बिछडिय़ा गजानन व रातानाडा गणेश दर्शन के बाद प्रथम पड़ाव रातानाडा क्षेत्र में रहेगा। परिक्रमा 25 मई को अलसुबह रातानाडा गणेश मंदिर से रवाना होकर 13 किमी दूर अपने द्वितीय पड़ाव स्थल चौपासनी पहुंचेगी। कंटीले रास्ते, दुर्गम पहाडिय़ों, पथरीले रास्तों से होकर पूरी होने वाली यात्रा में हालांकि अभी तक राह के रोड़ों को दूर नहीं किया जा सका है।

यूं बढ़ती है आस्था की यात्रा
आस्था के सफर के दौरान सात प्रमुख पड़ाव स्थलों में 24 मई को रातानाडा, 25 मई को चौपासनी, 26 मई को बड़ली, 27 मई को बैद्यनाथ, 28 मई को बेरीगंगा, 29 मई को मंडोर उद्यान में होगा। परिक्रमा के अंतिम पड़ाव मंडोर उद्यान के बाद परिक्रमा यात्री 30 मई को सुबह संतोषी माता मंदिर, कागा तीर्थ शीतला माता मंदिर, शेखावतजी का तालाब, उम्मेद भवन होते हुए सुबह 11 बजे रातानाडा गणेश मंदिर में दर्शन करेंगे। उसके बाद शोभायात्रा के रूप में कुंजबिहारी, गंगश्यामजी व घनश्यामजी मंदिर के दर्शन कर यात्रा घंटाघर मंडल कार्यालय पहुंचकर विसर्जित होगी।

स्वयंसेवी संस्थाएं व प्रशासन भी देगा सहयोग
हिन्दू सेवा मण्डल के प्रधानमंत्री कैलाश जाजू व कोषाध्यक्ष राकेश सुराणा ने बताया कि परिक्रमा पड़ाव स्थलों पर जोधपुर की 50 से अधिक स्वयंसेवी संस्था व धार्मिक सामाजिक संगठनों के साथ जिला प्रशासन के सभी विभागों ने भी पूरे सहयोग की घोषणा की है। मुख्यमेला व्यवस्थापक राकेश गौड ने बताया कि परिक्रमा के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए 11 उप समितियां गठित की गई है।